बिलासपुर।
जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल अलर्ट मोड पर आ गईं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एहतियातन जिला न्यायालय परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया और आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। बिलासपुर पुलिस का कहना है कि यह मॉक ड्रिल है।



सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल न्यायालय परिसर और उसके आसपास तैनात कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचकर न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर हर कोने की सघन तलाशी ले रहे हैं। चप्पे-चप्पे की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। धमकी देने वाले की पहचान और धमकी के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी और खुफिया स्तर पर जांच तेज कर दी गई है।
घटना के चलते कुछ समय के लिए न्यायालय का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को संभाल लिया गया।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि इस तरह की जांच हाई कोर्ट में होती है, इस बार जिला न्यायालय में की गई है।



