दीक्षित परिवार ने पुण्य स्मृति में भेंट किया आधुनिक वाटर कूलर, ठंडा–गर्म दोनों जल की सुविधा

बिलासपुर। इलाज के दौरान छोटी-सी सुविधा भी मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत बन जाती है। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में ऐसी ही एक मानवीय और संवेदनशील पहल देखने को मिली, जब मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीक्षित परिवार ने स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सिम्स को समर्पित की। यह पहल न केवल सेवा भाव का प्रतीक बनी, बल्कि अस्पताल परिसर में मानवीय संवेदना का सशक्त संदेश भी देती नजर आई।
स्वर्गीय श्रीमती सूर्यकुमारी दीक्षित एवं स्वर्गीय राजनारायण दीक्षित की पुण्य स्मृति में सरकंडा, अरविंद मार्ग निवासी दीक्षित परिवार द्वारा सिम्स चिकित्सालय को एक आधुनिक वाटर कूलर भेंट किया गया है। इस वाटर कूलर में ठंडे और गर्म—दोनों प्रकार के पेयजल की सुविधा उपलब्ध है, जिससे अलग-अलग स्वास्थ्य स्थितियों में उपचाररत मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल सके।
इस सेवा कार्य का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह, सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति तथा नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. अशोक दीक्षित, राकेश दीक्षित, संजय दीक्षित, सूरज दीक्षित, सौरभ श्रीवास्तव, रुद्र अवस्थी एवं राधा कृष्ण शर्मा की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। अपने माता-पिता की स्मृति में सेवा समर्पित करते हुए संजय दीक्षित ने भावुक शब्दों में कहा कि मरीजों की सेवा ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया कि सिम्स में प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ एवं उपयुक्त तापमान का पेयजल उपलब्ध कराना परिवार का उद्देश्य रहा है।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने दीक्षित परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मानवीय सहयोग अस्पताल की सेवाओं को और मजबूत बनाते हैं तथा मरीजों को बेहतर वातावरण प्रदान करने में सहायक होते हैं। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि स्वच्छ पेयजल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह सुविधा उपचार प्रक्रिया के दौरान उन्हें सहजता प्रदान करेगी।



