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बिलासपुर नगर निगम का 15 लाख का टैक्स स्कैम…महिला अधिकारी की ‘साइलेंट सिंडिकेट’ भूमिका पर बड़ा सवाल, इंटरनल ऑडिट में फूटा घोटाले का पर्दाफाश

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Bilaspur बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम के भीतर टैक्स वसूली के नाम पर चल रहा 15 लाख रुपए का गुप्त खेल आखिरकार बेनकाब हो गया है। जोन-2 कार्यालय में पदस्थ एक महिला अधिकारी की कथित ‘भूमिका’ ने पूरे निगम सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इंटरनल ऑडिट में सामने आया यह मामला न सिर्फ वित्तीय अनुशासन की पोल खोलता है, बल्कि यह भी बताता है कि मैनुअल टैक्स कलेक्शन के दौर में कैसे निगम की तिजोरी को भीतर ही भीतर छलनी किया जा रहा था।


घोटाले की जड़: टैक्स वसूला… पर खाते में जमा ही नहीं
वर्ष 2023-24 के इंटरनल ऑडिट के दौरान यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि संपत्ति कर और जल कर की वसूली तो की गई, लेकिन राशि निगम खाते में जमा ही नहीं की गई। यह गड़बड़ी सीधे-सीधे जोन-2 कार्यालय से जुड़ी है, जहां वसूली प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल थी—और इसी मैनुअल सिस्टम की आड़ में कथित गबन का रास्ता साफ हुआ।
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक करीब 15 लाख रुपए की रकम वसूली तो गई थी, लेकिन एक रुपये तक का हिसाब सरकारी खाते में दर्ज नहीं मिला।


जांच की आंच में ‘महिला अधिकारी’: भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवाल
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे घोटाले में जोन कार्यालय की एक महिला अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। रिपोर्ट ने इस संपूर्ण प्रकरण की दिशा ही बदल दी है — क्योंकि वसूली, दस्तावेज़ीकरण और राशि जमा करने की पूरी प्रक्रिया इसी अधिकारी के नियंत्रण क्षेत्र में आती है।
हालांकि विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जांच युद्धस्तर पर चल रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह गड़बड़ी एक व्यक्ति का ‘स्ट्रेट एक्ट’ था या एक संगठित अंदरूनी नेटवर्क?
फाइलें खुलीं, शंका गहराई—अब सभी जोनों में खलबली
जैसे ही आंतरिक ऑडिट की रिपोर्ट आयुक्त तक पहुँची, तत्काल कार्रवाई करते हुए संयुक्त संचालक वित्त निर्मलकर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनके पास अब फाइलें, वसूली रजिस्टर, जमा दस्तावेज, मैनुअल रिकॉर्ड से लेकर रसीद बुक तक सब कुछ है—और इन्हीं कागज़ों के भीतर छिपे हैं इस घोटाले के असली क्लू।
लेकिन इस खुलासे ने एक और बड़ा सवाल जन्म दिया है—
क्या सिर्फ जोन-2 ही ‘पॉकट ऑफ मिसयूज’ है, या यह एक पैटर्न है जो अन्य जोनों में भी लागू हुआ है?
इसी शक के चलते अब निगम ने सभी जोनों के रिकॉर्ड की स्कैनिंग शुरू कर दी है।
जवाब की घड़ी: निगम की आंतरिक जवाबदेही की सबसे बड़ी परीक्षा
बिलासपुर नगर निगम का यह मामला अब सिर्फ 15 लाख का वित्तीय घोटाला नहीं रहा।
यह है—
नगर निगम की वित्तीय पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न
आंतरिक नियंत्रण प्रणाली की विफलता का केस स्टडी
सिस्टम के भीतर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, उसका आईना
और सबसे बड़ा सवाल—
क्या आरोप सिर्फ एक कर्मचारी पर टिके रहेंगे, या जांच आगे बढ़कर यह बताएगी कि ‘गड़बड़ी’ दरअसल टीम वर्क थी?
इस घोटाले ने साफ कर दिया है कि मैनुअल टैक्स सिस्टम निगम को भारी कीमत चुका रहा है—और एक महिला अधिकारी की भूमिका ने इस प्रकरण को और भी गंभीर बना दिया है।

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