

बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग गंभीर मामलों में फरार चल रहे आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। एक मामले में घर में घुसकर तोड़फोड़ और कब्जा करने की कोशिश के आरोप में चार बदमाश पकड़े गए, जबकि दूसरे मामले में रंजिश में वाहन तोड़फोड़ और कार्यालय में आग लगाने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। दोनों मामलों में पुलिस ने कई महीनों से फरार अपराधियों को ट्रैक कर कार्रवाई की।
केस–1 : मकान कब्जाने की नीयत से घर में घुसकर तोड़फोड़ — 4 आरोपी गिरफ्तार
थाना सरकंडा | अपराध क्रमांक 293/2025 | धारा 332(ग), 324(4), 3(5) BNS
आरोपी:
जसबीर सिंह, 34 वर्ष
यश तिवारी, 19 वर्ष
सुदीप डे, 26 वर्ष
उत्कर्ष श्रीवास्तव
✔ पूरी घटना — 6 माह से फरार, घर में घुसकर धमकी और तोड़फोड़
23 फरवरी 2025 को राजकिशोर नगर निवासी जी. श्रीनिवास राव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी जसबीर सिंह ने छलपूर्वक उनके घर की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है, जिस पर न्यायालय में विवाद लंबित है।
उसी दिन शाम 5 बजे जसबीर सिंह अपने साथियों सुदीप डे, यश तिवारी और उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ घर में घुसा, गाली-गलौज करते हुए मकान खाली कराने दबाव बनाया और घर के सामानों में तोड़फोड़ की।
मामला दर्ज होने के बाद चारों आरोपी अपने घरों से फरार हो गए थे।
✔ पुलिस की कार्रवाई — फरार अपराधियों की धरपकड़
25 नवंबर 2025 को सूचना मिली कि आरोपी राजकिशोर नगर क्षेत्र में घूम रहे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल और CSP (सिविल लाइन/सरकंडा) निमितेश सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य ने टीम बनाकर कार्रवाई की।
आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया।
उत्कर्ष श्रीवास्तव को सुप्रीम कोर्ट Arnesh Kumar vs State of Bihar निर्णय के आधार पर रिहा किया गया।
अन्य तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
केस–2 : ड्राइवर की रंजिश ने उड़ाया व्यवसाय — कार, एम्बुलेंस तोड़ी, ऑफिस में लगाई आग
थाना सरकंडा | अपराध क्रमांक 1446/2025 | धारा 324(2), 351(2), 3(5)
आरोपी:
राजेन्द्र राजपूत उर्फ केसरी, 24 वर्ष, निवासी लिंगियाडीह
✔ घटना — रात में ऑफिस में आग, बाहर खड़ी 3 गाड़ियों में तोड़फोड़
प्रार्थी संदीप कुमार साहू ने 15 अक्टूबर 2025 की रात रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपोलो अस्पताल के पास स्थित R.K. Ambulance Service & Travels के उनके कार्यालय में आरोपी राजेन्द्र राजपूत ने:
डिजायर कार (CG 09 JF 7636)
सेंट्रो कार (CG 04 B 5456)
एंबुलेंस (CG 10 FA 8736)
की तोड़फोड़ कर दी और कार्यालय में आग लगा दी।
घटना के दौरान ऑफिस से धुआँ निकलता देखा गया। तोड़फोड़ से लगभग ₹65,000 का नुकसान हुआ।
प्रार्थी के अनुसार आरोपी पहले उनकी गाड़ी चलाता था, लेकिन वर्ष 2024 में शिकायतों के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया।
✔ पुलिस की कार्रवाई — महीनों से फरार आरोपी गिरफ्तार
CSP निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी।
26 नवंबर 2025 को सूचना मिली कि आरोपी लिंगियाडीह क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
दोनों मामलों में पुलिस की ओर से संयुक्त कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल
CSP (सिविल लाइन/सरकंडा) निमितेश सिंह
के निर्देशन में दोनों मामलों में तीव्र कार्रवाई की गई, फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रैक कर उन्हें पकड़ा गया।



