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सिम्स ने रचा मेडिकल टेक्नोलॉजी का इतिहास

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 भारत का पहला मेडिकल कॉलेज बनेगा जहाँ सेमीकंडक्टर-आधारित स्टरलाइजेशन सिस्टम होगा इंस्टॉल
SECL–SIMS के बीच ऐतिहासिक MOU, अस्पताल की हवा अब मेडिकल-ग्रेड स्तर पर होगी स्टरलाइज्ड

बिलासपुर, 19 नवंबर 2025।
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम उठाया है। सिम्स अब वह पहला मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है, जहाँ अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर-आधारित एयर प्यूरीफिकेशन एवं स्टरलाइजेशन सिस्टम स्थापित होगा। यह हाई-टेक सिस्टम अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की परिभाषा बदलने वाला साबित होगा।
आज इस तकनीक की स्थापना हेतु सिम्स और SECL के बीच महत्वपूर्ण MOU पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति तथा SECL के GM (CSR) श्री सी.एम. वर्मा ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में डायरेक्टर (HR) श्री बीरांची दास, CMS डॉ. श्रुति देव मिश्रा, CSR विभाग के अधिकारी तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह उपस्थित रहे।
इस टेक्नोलॉजी से क्या बदलेगा?
अस्पताल की हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया, फंगल स्पोर्स सहित 99% सूक्ष्मजीव होंगे निष्क्रिय
सेमीकंडक्टर चिप आधारित सतत स्टरलाइजेशन तकनीक
ICU, OT, वार्ड और OPD में अत्यधिक प्रभावी संक्रमण नियंत्रण
कम ऊर्जा में निरंतर, स्थायी संचालन
अस्पताल की हवा मेडिकल-ग्रेड स्टरलाइज्ड होगी
सिम्स क्यों बना अग्रणी? — सेमीकंडक्टर स्टरलाइजेशन तकनीक की बड़ी बातें
सामान्य एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम जहां केवल हवा को फिल्टर करते हैं, वहीं सेमीकंडक्टर स्टरलाइजेशन तकनीक हवा को फिल्टर + सक्रिय रूप से स्टरलाइज करती है। यह सिस्टम पूरे अस्पताल परिसर को मेडिकल-ग्रेड एयर क्वालिटी प्रदान करेगा, जिससे अस्पताल-जनित संक्रमण (Hospital Acquired Infection – HAI) का खतरा लगभग समाप्त हो जाएगा।
SECL का योगदान
CSR योजना के तहत SECL द्वारा दिए जाएंगे—
संपूर्ण स्टरलाइजेशन सिस्टम के उपकरण
तकनीकी विशेषज्ञता
इंस्टॉलेशन व रखरखाव हेतु वित्तीय सहयोग
इस सहयोग से सिम्स प्रदेश का सबसे हाई-टेक मेडिकल कैंपस बनने की ओर अग्रसर होगा।
डॉ. रमणेश मूर्ति का बयान — “सिम्स के लिए ऐतिहासिक दिन”
“यह MOU सिम्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सेमीकंडक्टर आधारित स्टरलाइजेशन सिस्टम हमें प्रदेश का पहला ऐसा संस्थान बनाएगा जो अस्पताल की हवा को मेडिकल-ग्रेड स्तर तक शुद्ध करेगा। हमारा लक्ष्य है—सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवा।”
डॉ. रमणेश मूर्ति, अधिष्ठाता, सिम्स
डॉ. लखन सिंह का वक्तव्य — “मरीजों की सुरक्षा अब और मजबूत”
“मरीजों की सुरक्षा सीधे वायु गुणवत्ता से जुड़ी है। इस आधुनिक सिस्टम के बाद संक्रमण का जोखिम भारी रूप से कम हो जाएगा। SECL का सहयोग सिम्स की स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी क्रांति लाएगा।”
डॉ. लखन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सिम्स
सिम्स में क्या होगा बदलाव?
परिसर की पूरी हवा हाई-ग्रेड स्टरलाइज्ड
संक्रमण की संभावना में कमी
मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण
प्रदेश में पहली बार टेक-ड्रिवन इंफेक्शन कंट्रोल मॉडल
प्रदेश में स्वास्थ्य तकनीक का नया अध्याय
SECL–सिम्स के बीच हुआ यह समझौता छत्तीसगढ़ को मेडिकल टेक्नोलॉजी के नए युग में प्रवेश कराता है। यह केवल संक्रमण नियंत्रण का कदम नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल मेडिकल कॉलेज तैयार करने की दिशा में बड़ा परिवर्तन है।
सेमीकंडक्टर स्टरलाइजेशन सिस्टम के स्थापित होने के बाद सिम्स वह पहला मेडिकल कॉलेज होगा जहाँ अस्पताल परिसर—
✔ पूर्णतः स्टरलाइज्ड
✔ टेक्नोलॉजी-सक्षम
✔ सुरक्षित
✔ और भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली के अनुरूप
तरीके से कार्य करेगा।

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