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बिलासपुर में वामपंथी दलों का हल्ला बोल: दलित उत्पीड़न, महंगी बिजली और पट्टा विसंगतियों पर गरजी सड़क—कलेक्टर के जरिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री को सौंपा गया 15 सूत्रीय ज्ञापन

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, 18 नवंबर 2025 —
नेहरू चौक आज राजनीतिक गर्माहट से तपता रहा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), CPM, CPI-ML, किसान मजदूर महासंघ सहित वामपंथी धड़ों ने दलितों पर बढ़ते अत्याचार, बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी, हाफ बिजली बिल योजना की समाप्ति, स्मार्ट मीटर थोपने और बिलासपुर शहर में आवासीय पट्टा के विवादों पर जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा के भीतर से भलाई के विधायक देवेंद्र यादव भी इन मुद्दों पर लगातार मुख्यमंत्री व प्रशासन को घेरते रहे हैं—धरने के मंच पर उनकी उठाई समस्याओं और स्थानीय सवालों को प्रमुखता से दोहराया गया।
धरना CPI जिला सचिव पवन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें वक्ताओं ने देवरीखुर्द (वार्ड 42-43) के हजारों निवासियों को कोर्ट आदेश के बावजूद आज तक पट्टा न मिलने को सरकार की “लापरवाही और दोहरी नीति” बताया। बिलासपुर जिले के सभी भूमिहीन परिवारों को आवासीय पट्टा दिलाने की मांग सबसे तेज़ रही।
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसे राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। ज्ञापन में प्रमुख रूप से—
• दलित उत्पीड़न मामलों में त्वरित कार्रवाई
• बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर नीति वापस लेने
• हाफ बिजली बिल योजना बहाल करने
• देवरीखुर्द और अन्य विवादित कॉलोनियों को अविलंब पट्टा
• भूमिहीन परिवारों के लिए आवास सुरक्षा—
जैसी मांगें शामिल रहीं।
धरने में CPI, CPM, CPI-ML, बसपा, कांग्रेस तथा किसान मजदूर महासंघ के नेताओं—श्याम मूरत कौशिक, नंद कश्यप, लल्लन सिंह, सुखाऊ निषाद, रवि बनर्जी, अभय नारायण राय, जसबीर सिंह, अन्नपूर्णा ध्रुव, डॉ. रघु साहू, गणेश निषाद, धीरज शर्मा, विक्रांत शर्मा, सुमन मरकाम, सतीश बर्मन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बिलासपुर में वामपंथी दलों का यह संयुक्त शक्ति प्रदर्शन आने वाले समय में शहर की बिजली नीति, दलित सुरक्षा और शहरी पट्टा विवादों पर राजनीतिक दबाव को और तेज करने वाला माना जा रहा है।

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