Mohammed Israil
धरती आबा बिरसा मुंडा जयंती पर राज्यभर में मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस — बिलासपुर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति, 21.73 करोड़ की लागत से बनेगा 300 सीटर छात्रावास
बिलासपुर, 07 नवम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने शुक्रवार को बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा की।

बैठक में बिलासपुर संभाग सहित 10 जिलों — बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार, मुंगेली, कबीरधाम, रायगढ़ एवं कोरबा के अधिकारी उपस्थित रहे।
विकास योजनाओं की प्रगति पर जोर, फील्ड विजिट और पारदर्शिता पर विशेष निर्देश
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी, समीक्षा और फील्ड निरीक्षण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
श्री बोरा ने कहा —
“जनजातीय समुदाय तक योजनाओं की सटीक जानकारी और पहुँच हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।”
बैठक में विभागवार समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अपूर्ण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करें, और जो कार्य निर्धारित अवधि में संभव नहीं हैं, उन्हें निरस्त किया जाए।
पूर्ण परियोजनाओं के उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) तत्काल प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
धरती आबा बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस — राज्य स्तरीय आयोजन अंबिकापुर में
प्रमुख सचिव ने बताया कि 15 नवम्बर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा।
इस दौरान जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और जीवनशैली को प्रदर्शित करने वाले विविध सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
राज्य स्तरीय मुख्य समारोह 19 और 20 नवम्बर को अंबिकापुर में होगा, जिसमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना व्यक्त की गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा —
जिनमें बैगा, गुनिया, हड़जोड़ सम्मान योजना तथा मुख्यमंत्री जनजातीय ग्राम अखरा विकास योजना प्रमुख हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य जनजातीय समाज को सामाजिक सम्मान, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाना है।
बिलासपुर में 21.73 करोड़ की लागत से बनेगा 300 सीटर छात्रावास
श्री बोरा ने बताया कि बिलासपुर के जरहाभाठा क्षेत्र में 21.73 करोड़ रुपये की लागत से 300 सीटों वाला अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बनाया जाएगा।
इसके साथ ही 300 सीटों की क्षमता वाला बालिका छात्रावास भी प्रस्तावित है।
इन अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं से विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वातावरण और बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे।
छात्रवृत्ति वितरण में तेजी लाने के निर्देश
प्रमुख सचिव ने कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिलना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री और मंत्री स्तर पर व्यापक कार्यक्रम
प्रमुख सचिव ने बताया कि बिलासपुर जिले के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के शामिल होने की संभावना है, जबकि जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि होंगे।
राज्य और जिला स्तर पर सभी आश्रमों और छात्रावासों में इस दिन विशेष सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।
🔹 सकारात्मक पहल, समर्पित दृष्टि
जनजातीय समाज की शिक्षा, संस्कृति और जीवनस्तर में सुधार की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल समावेशी विकास के मॉडल को और सशक्त करेगी।
नए छात्रावासों का निर्माण और सम्मान योजनाओं की शुरुआत राज्य में जनजातीय उत्थान की नई कहानी लिखने जा रही है।



