मो इसराइल
बिलासपुर। लद्दाख के जननेता सोनम वांगचुक की रिहाई और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की धारा हटाने की मांग को लेकर रविवार को इंडियन कॉफी हाउस में सर्वदलीय एवं जन संगठनों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तैयार कर 6 अक्टूबर को कलेक्टर के माध्यम से सौंपा जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सोनम वांगचुक पर एनएसए जैसी कठोर धारा लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। “लद्दाख की वास्तविक समस्याओं पर संवाद के बजाय असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है, जो चिंताजनक है,” — बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा।
सर्वदलीय मंच ने निर्णय लिया कि ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक की निशर्त रिहाई, एनएसए हटाने और लद्दाख की जनता की मांगों पर सभी पक्षों के साथ बातचीत शुरू करने की अपील की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि रेलवे क्षेत्र में पटाखा दुकानों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सर्वदलीय मंच ने इस दौरान छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर की गिरफ्तारी को भी निंदनीय बताया। वक्ताओं ने कहा कि “एक आदिवासी मुख्यमंत्री के शासनकाल में ही वरिष्ठ आदिवासी नेता की गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण संकेत है।”
बैठक में कांग्रेस नेता राकेश शर्मा, अभय नारायण राय, नंदकुमार लक्श्यप, रवि बनर्जी, पवन शर्मा, एच.डी. पाइक, अधिवक्ता शौकत अली, मजहर खान, आसिफ भाभा, एस.के. जैन और डॉ. राही लल्लन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में संयोजक रवि बनर्जी ने बताया कि यह पहल किसी एक दल या संगठन की नहीं बल्कि “जन अधिकार और लोकतंत्र की आवाज को एकजुट रूप से उठाने का प्रयास है।”
सर्वदलीय मंच की प्रमुख मांगें
- सोनम वांगचुक की निशर्त रिहाई
- एनएसए की धारा हटाने की मांग
- लद्दाख की जन समस्याओं पर सभी पक्षों से बातचीत
- रेलवे क्षेत्र में पटाखा दुकानों का सुरक्षित स्थानांतरण
- पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर की गिरफ्तारी की निंदा



