
बिलासपुर। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की बिलासपुर जिला कमेटी ने धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र के सियादेही गांव में 30 सितंबर को एक ईंट भट्ठे पर खेल रही 5 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म की घटना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने इस मामले में दोषी को उदाहरणमूलक सजा देने की मांग को लेकर कलेक्टर महोदय को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह घटना पूरे राज्य में मानवता को शर्मसार करने वाली और समाज को झकझोर देने वाली बताई गई है।AIDSO के जिला सचिव सूरज साहू ने कहा कि यह घटना समाज में व्याप्त असंवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 3,58,749 बलात्कार के मामले दर्ज हुए, और छत्तीसगढ़ में हर 9 मिनट में एक महिला के साथ बलात्कार की घटना होती है। साहू ने इस तरह की घटनाओं के लिए शराब और नशीली पदार्थों को प्रमुख कारणों में से एक बताया, जो अपराधियों को बेखौफ बनाते हैं।जिला कोषाध्यक्ष जूही कैवर्त ने कहा कि सियादेही की इस घटना में आरोपी नशे की हालत में था और उसने मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल में ले जाकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। उन्होंने मांग की कि आरोपी को पास्को एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई के बाद कठोर सजा दी जाए। साथ ही, उन्होंने देश में बढ़ती ऐसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए शराब, नशीली पदार्थों की बिक्री, और अश्लील वीडियो व पोर्न साइट्स पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की।AIDSO ने इस घटना के विरोध में और मासूम को न्याय दिलाने के लिए निम्नलिखित मांगें उठाईं:
- सियादेही, केरेगांव में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई के बाद उदाहरणमूलक सजा दी जाए।
- पीड़ित बच्ची के लिए उच्चस्तरीय इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- नशीली पदार्थों के उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
- बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
- धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए और 67 नए शराब भट्ठी खोलने के आदेश को तत्काल रद्द किया जाए।
- अश्लील वीडियो और पोर्न साइट्स पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए।
जूही कैवर्त ने कहा कि यह घटना पूरे राज्य के संवेदनशील नागरिकों को स्तब्ध करने वाली है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने और पीड़िता को न्याय दिलाने की अपील की। AIDSO ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में पीड़िता के लिए न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।



