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निर्णय न होने से 16,500 कर्मचारियों में गहरी मायूसी, ठगा सा महसूस कर रहे – सरकार पर तानाशाही का आरोप
बिलासपुर/ रायपुर, 30 सितम्बर 2025।
त्योहारी सीजन में जहां प्रदेश के अन्य शासकीय कर्मचारियों को बोनस और वेतन वृद्धि का तोहफा मिल रहा है, वहीं 16,500 एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार के भरण-पोषण तक के लिए परेशान हैं। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और लंबित 6 प्रमुख मांगों पर कोई निर्णय न होने से एनएचएम कर्मचारियों में भारी निराशा छा गई।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे का कहना है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा हड़ताल स्थगन के समय दिए गए आश्वासनों को दरकिनार कर सरकार ने उनके साथ छल किया है।
पिछली बैठक में मिला था भरोसा, इस बार खामोशी
● मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पिछली कैबिनेट बैठक में 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन दिया था।
● स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी प्रतिनिधिमंडल से कहा था कि “हड़ताल स्थगित करिए, मैं पाँच मिनट में 27% वेतन वृद्धि दिलाता हूँ।”
● भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था।
लेकिन इस बार कैबिनेट बैठक में न तो बहाली पर आदेश हुआ और न ही लंबित मांगों पर ठोस फैसला।
आंदोलन का बैकग्राउंड
एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले 16,500 कर्मचारियों ने 33 दिन तक हड़ताल की थी।
➡ 10 मांगों में से 4 पर तत्काल आदेश जारी हुए।
➡ ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति पर 3 माह की समयसीमा तय की गई।
➡ मुख्यमंत्री ने हड़ताल अवधि का वेतन देने और 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का लिखित आश्वासन दिया था।
त्योहार फीके – “दूसरों को बोनस, हमें वेतन कटौती”
जहां अन्य विभागों के कर्मचारियों को बोनस और वेतन वृद्धि मिली है, वहीं एनएचएम कर्मचारियों के 33 दिन का वेतन काट लिया गया है।
कर्मचारियों का कहना है –
“यह पहली बार है जब सरकार ने हमारी मांगों को मान भी लिया, आंदोलन को संवैधानिक भी करार दिया, सत्ता पक्ष के सांसद-विधायकों ने समर्थन भी किया… **फिर भी हमारा वेतन काटा जा रहा है। यह प्रशासनिक तानाशाही नहीं तो और क्या है?”
संघ की प्रमुख मांगें (10 सूत्रीय)
- संविलियन एवं स्थायीकरण
- ग्रेड पे या वेतनमान निर्धारण
- पब्लिक हेल्थ अकादमी एवं कैडर की स्थापना
- कार्यमूल्यांकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता
- लंबित 27% वे



