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छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं का बढ़ता आतंक : बिलासपुर, गरियाबंद के बाद राजनांदगांव में भी हुई फायरिंग, सरकार पर खड़े हो रहे सवाल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मीडिया कर्मियों ने भाग कर बचाई थी जान

Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध खनन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला राजनांदगांव जिले के बंसतपुर थाना क्षेत्र के मोहगांव का है, जहां रेत माफिया ने ग्रामीणों पर गोलियां बरसाईं। इस गोलीबारी में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि माफिया ने 4-5 राउंड फायरिंग की। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इसके पहले रेट माफियाओं ने बिलासपुर और राजिम, गरियाबंद में भी फायरिंग की थी।

सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीण अवैध रेत खनन को रोकने के लिए विरोध कर रहे थे। इसी दौरान माफिया से विवाद हुआ, जो हिंसा में बदल गया। फायरिंग के दौरान एक युवक के सिर को छूते हुए गोली निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अन्य दो लोग भी घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राज्य में रेत माफिया का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में बिलासपुर, राजिम और अब राजनांदगांव जैसी जगहों पर अवैध खनन से जुड़े मामले तेजी से सामने आए हैं। पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता इन घटनाओं को और बढ़ावा दे रही है।

अवैध खनन से जुड़े विवाद न केवल प्राकृतिक संसाधनों की लूट का मुद्दा हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा भी बनते जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन को जल्द ही सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि रेत माफिया पर लगाम लगाई जा सके और जनता का विश्वास बहाल हो।

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