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ड्रग्स तस्करी केस में नाम जोड़ने की धमकी देकर 10 लाख की ठगी, बिलासपुर की छात्रा बनी साइबर अपराध का शिकार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की विवेचना में जुटी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगों ने एक कॉलेज छात्रा को झूठे ड्रग्स तस्करी केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए फर्जी दस्तावेज और गिरफ्तारी का डर दिखाया, जिससे घबराई छात्रा ने परिजनों से उधार लेकर पैसे ट्रांसफर कर दिए। अब मामले की शिकायत साइबर रेंज थाने में दर्ज की गई है।

यह है पूरा मामला

बिलासपुर की 24 वर्षीय कॉलेज छात्रा को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए कहा कि छात्रा का नाम करोड़ों रुपये के लेनदेन और ड्रग्स तस्करी केस में आया है। ठगों ने दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके यह लेन-देन हुआ है और इस मामले की जांच सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियां कर रही हैं।

ठगों ने डराने के लिए छात्रा को वीडियो कॉल की और व्हाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज भेजे। इसमें उसकी गिरफ्तारी और केस की जानकारी दी गई। ठगों ने पूरी बातचीत गोपनीय रखने का दबाव बनाया और जांच में सहयोग के नाम पर बैंक डिटेल और पैसे की मांग की।

डर के साए में 10 लाख रुपये ट्रांसफर

डरी-सहमी छात्रा ने परिजनों और परिचितों से उधार लेकर ठगों के बताए खातों में करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद ठगों ने और पैसे की मांग की। इस पर छात्रा ने अपने एक परिचित से सलाह ली, जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ।

साइबर थाने में शिकायत दर्ज

पीड़ित छात्रा ने तत्काल रेंज साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और फोन नंबरों की निगरानी शुरू कर दी गई है।

जागरूकता अभियान भी बेअसर

साइबर अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद लोग लगातार ठगी का शिकार हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत करने से ठगों के खातों को होल्ड कर रकम वापस पाई जा सकती है।

साइबर अपराध से बचने के उपाय:

IPS अक्षय प्रमोद सबद्रा ने बताया कि समय के साथ ही जालसाज ठगी के तरीके बदलते रहते हैं। वर्तमान में किसी केस में फंसने की बात कहकर लोगों को डराया जाता है। इसके बाद पुलिस की ड्रेस पहना हुआ व्यक्ति वीडियो काल कर किसी केस में नाम आने की बात कहता है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के नाम पर कुछ फर्जी दस्तावेज भी लोगों के मोबाइल पर भेजा जाता है। इस तरह से किसी भी तरह की धमकियों से डरने के बजाए तत्काल स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी देनी चाहिए। साथ ही इस तरह के फोन काल पर किसी भी तरह का लेनदेन करने से पहले पुलिस थाने में सूचना देना जरूरी है। इससे ठगी से बचा जा सकता है।

अनजान कॉल्स और संदेशों पर भरोसा न करें।

किसी भी धमकी से डरने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक डिटेल्स साझा न करें।

साइबर ठगी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

पुलिस का कहना है कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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