बिलासपुर के राजकिशोर नगर में आधी रात जमकर बवाल: 45 मिनट तक पटाखों और नगाड़े के शोर से परेशान होकर नीचे उतरे महासमुंद में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल सोनवानी, अभय बरुआ और साथियों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप; दूसरी तरफ जन्मदिन की पार्टी में शामिल युवक ने भी दर्ज कराई काउंटर FIR, जज और उनके परिवार पर लगाए मारपीट व कार चढ़ाने की धमकी के आरोप

बिलासपुर। राजकिशोर नगर में जन्मदिन की पार्टी का शोर आधी रात को ऐसा बढ़ा कि मामला सीधे थाने पहुंच गया। नगाड़े की तेज आवाज और लगातार फूट रहे पटाखों से परेशान होकर घर से बाहर निकले महासमुंद के कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी और उनके परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि जन्मदिन मना रहे अभय बरुआ और उसके साथियों ने न्यायाधीश को घेर लिया। विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी और साले को भी नहीं बख्शा गया। पत्नी के हाथ में चोट आई, जबकि साले के सिर, सीने और गले में चोट लगने की शिकायत की गई है। परिवार के चश्मे छीनने और कपड़े के बटन टूटने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है।
मामले में दिलचस्प मोड़ तब आया, जब जन्मदिन की पार्टी में शामिल दूसरे पक्ष की ओर से भी सरकंडा थाने में काउंटर एफआईआर दर्ज करा दी गई। इस पक्ष ने न्यायाधीश और उनके परिवार पर मारपीट तथा कार चढ़ाकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। यानी एक ही घटना को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
45 मिनट तक बजता रहा नगाड़ा, पटाखों के शोर से घर में मच गई हलचल
न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे महासमुंद के कुटुंब न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर पदस्थ हैं। 31 अक्टूबर 2026 को पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अवकाश लेकर अपने परिवार के साथ ससुराल राजकिशोर नगर जूनियर एमआईजी-05 पहुंचे थे।
रात करीब 11 बजे परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक नगाड़े की अत्यधिक तेज आवाज और लगातार पटाखे फूटने का शोर शुरू हो गया। शिकायत के मुताबिक यह सिलसिला करीब 45 मिनट तक चलता रहा। तेज आवाज से घर में सो रहे बच्चे और बुजुर्ग तक घबरा गए और उठकर बाहर की स्थिति जानने लगे।
इसके बाद न्यायाधीश प्रफुल्ल सोनवानी स्थिति देखने के लिए नीचे गली में पहुंचे। वहां करीब 100 से 200 लोगों की भीड़ जमा थी। उनका आरोप है कि लोग अभय बरुआ के घर के अंदर और बाहर जन्मदिन का जश्न मना रहे थे। उन्होंने पटाखे फोड़ने और नगाड़ा बजाना बंद करने के लिए कहा, लेकिन बात समझने के बजाय विवाद शुरू हो गया।
‘तुम कौन होते हो हमें रोकने वाले’, फिर घेरकर शुरू कर दी मारपीट
शिकायत के अनुसार, अभय बरुआ और उसके साथी न्यायाधीश के पास पहुंचे और उन्हें घेर लिया। आरोप है कि उन्होंने यह कहते हुए विवाद शुरू किया कि तुम कौन होते हो हमें रोकने वाले। इसके बाद अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और छीना-झपटी शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ती देख न्यायाधीश की पत्नी आकांक्षा प्रफुल्ल, साला अभिषेक भारद्वाज, सास नीरा भारद्वाज और साले की पत्नी गुरप्रीत कौर भारद्वाज भी मदद के लिए नीचे पहुंचे।
आरोप है कि अभय बरुआ और उसके साथियों ने न्यायाधीश, उनकी पत्नी और साले को घेर लिया। इसके बाद हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। इस दौरान न्यायाधीश की शर्ट के सामने का बटन टूट गया। उनकी पत्नी और साले का चश्मा भी आरोपियों द्वारा निकाल लिए जाने की शिकायत की गई है।
मारपीट में पत्नी आकांक्षा प्रफुल्ल के दाहिने हाथ में भुजा के पास चोट आई, जबकि अभिषेक भारद्वाज के सिर, सीने और गले में चोट लगने की बात शिकायत में कही गई है। न्यायाधीश ने बताया कि घटना को परिवार के अलावा अन्य लोगों ने भी देखा और सुना है।
दूसरे पक्ष की भी FIR, जज और परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे विवाद में दूसरा पक्ष भी पुलिस के पास पहुंचा। मगरपारा निवासी विनय वैद्य (34) ने सरकंडा थाने में काउंटर एफआईआर दर्ज कराई है। विनय के मुताबिक वह अपने मित्र अभय बरुआ के घर जन्मदिन की पार्टी में केक काटने गया था।
उसका आरोप है कि 1 नवंबर की देर रात पार्टी के दौरान बाहर पटाखे फोड़ने की बात को लेकर पड़ोस में रहने वाली आकांक्षा सोनवानी वहां पहुंचीं। उन्होंने अपने पति के न्यायाधीश होने का हवाला देते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विनय का कहना है कि समझाने के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और महिला ने अपने पति को बुला लिया।
विनय के आरोप के मुताबिक, प्रफुल्ल सोनवानी हाथ में लाठी लेकर पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने अपने साले अभिषेक भारद्वाज को फोन कर बुलाया। आरोप है कि अभिषेक कार लेकर मौके पर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों की तरफ कार चढ़ाने की धमकी देते हुए कहा कि इनके ऊपर कार चढ़ा दो।
विनय ने अपनी शिकायत में कंधे, पीठ और हाथ के अंगूठे में चोट लगने की बात कही है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
एक घटना, दो शिकायतें और आमने-सामने आरोप
इस विवाद में एक तरफ महासमुंद के कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश और उनके परिवार ने जन्मदिन की पार्टी में शामिल अभय बरुआ व उसके साथियों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पार्टी में शामिल विनय वैद्य ने न्यायाधीश, उनकी पत्नी और साले पर मारपीट तथा कार चढ़ाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब पुलिस के सामने दोनों पक्षों के आरोपों, मारपीट में आई चोटों, मौके पर मौजूद लोगों और घटना के वास्तविक क्रम की जांच करने की चुनौती है।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मामला
न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी की शिकायत पर थाना सरकंडा पुलिस ने अभय बरुआ एवं उसके अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
- धारा 115(2) BNS: स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित।
- धारा 296 BNS: अश्लील कृत्य एवं अश्लील शब्दों के प्रयोग से संबंधित।
- धारा 3(5) BNS: समान आशय से कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कृत्य।
- धारा 351(3) BNS: गंभीर आपराधिक धमकी से संबंधित।
दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी तीन लोगों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज की गई है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जन्मदिन की पार्टी के दौरान शुरू हुआ विवाद किस तरह मारपीट तक पहुंचा, किस पक्ष ने पहले हमला किया और दोनों पक्षों की शिकायतों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। फिलहाल सरकंडा पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर रही है। टीआई प्रदीप आर्य का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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