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अलग राज्य बनने के बाद भी महंगाई भत्ते के लिए MP की ओर देख रहे छत्तीसगढ़ के कर्मचारी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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88 महीने में 2.50 से 6 लाख तक कर्मचारियों को नुकसान

मात्र 2% डीए नवम्बर से देना निराशाजनक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 4 लाख शिक्षक और कर्मचारियों के मन में महंगाई भत्ते को लेकर गहरी कसक है। कर्मचारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की ओर देखना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार जहां देय तिथि से महंगाई भत्ते का लाभ एरियर्स सहित देने का फैसला कर रही है, वहीं छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को एरियर्स का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश के करीब 4 लाख शिक्षक और कर्मचारी आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, मात्र 2% डीए नवम्बर से दिया जाना कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है, उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए हुआ था, लेकिन आज महंगाई भत्ते जैसी मांग के लिए भी कर्मचारियों को मध्यप्रदेश की ओर देखना पड़ रहा है।

88 महीने में कर्मचारियों को हुआ भारी आर्थिक नुकसान-
संजय शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ 1 जनवरी 2026 से एरियर्स के साथ देने का फैसला किया है, जबकि छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता देने के बजाय 1 नवम्बर 2026 से लाभ दिया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 88 महीनों में प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के एरियर्स का भारी नुकसान उठाना पड़ा है, कर्मचारियों के वेतनमान के अनुसार यह नुकसान लगभग 2.50 लाख से 6 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

अलग राज्य बनने के बाद भी MP से तुलना करने को मजबूर कर्मचारी-
संजय शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता दिया जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में देय तिथि से भुगतान नहीं करने की परंपरा बन गई है। यही वजह है कि प्रदेश के कर्मचारियों के मन में अलग राज्य बनने के बाद भी नुकसान होने की भावना घर कर गई है।

उन्होंने कहा कि जब मध्यप्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को एरियर्स सहित महंगाई भत्ता दे सकती है, तो छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को उनके हक की राशि क्यों नहीं दी जा रही है?

दीपावली पर भी कर्मचारियों को नहीं मिल रही वास्तविक राहत-
संजय शर्मा ने कहा कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा के बावजूद कर्मचारियों को पुराने महंगाई भत्ते के आधार पर वेतन भुगतान किया जा रहा है, ऐसे में दीपावली की खुशियों के बीच भी कर्मचारियों में निराशा है।

उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ते का लाभ और लंबित एरियर्स नहीं मिलेगा, तब तक उन्हें वास्तविक आर्थिक राहत नहीं मिल सकती।

मुख्यमंत्री से अपील- लंबित एरियर्स का करें भुगतान-
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि का भुगतान (किश्तों में ही सही) करने की मांग की है।

उन्होंने कहा, “आज पूरे छत्तीसगढ़ के कर्मचारी आहत हैं और वास्तव में अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, मुख्यमंत्री से निवेदन है कि वे प्रदेशभर के कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि का भुगतान करें और कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा उठाएं।

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