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सुरक्षित गर्भपात पर सिम्स का बड़ा जागरूकता संदेश, महिलाओं को वैज्ञानिक जानकारी, भ्रांतियों से बचने और असुरक्षित उपायों से दूर रहने की दी सलाह

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात, इससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक सावधानियों और चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, बिलासपुर में अध्ययनरत एम.एससी. नर्सिंग की छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात से संबंधित वैज्ञानिक और आवश्यक स्वास्थ्य जानकारी दी।


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात के महत्व, गर्भपात की विभिन्न विधियों तथा इससे संबंधित आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक करना रहा। छात्राओं ने महिलाओं को बताया कि गर्भपात से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य आवश्यकता के दौरान प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थान और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से परामर्श लेना आवश्यक है।
भ्रांतियों से बचने और वैज्ञानिक जानकारी अपनाने पर जोर
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सुरक्षित गर्भपात से संबंधित आवश्यक सावधानियों और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व की जानकारी दी। महिलाओं को गर्भपात से जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं से दूर रहने तथा किसी भी प्रकार के असुरक्षित उपाय अपनाने से बचने के लिए जागरूक किया गया।
छात्राओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महिलाओं को प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों में जाकर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और योग्य चिकित्सकों से आवश्यक परामर्श लेना चाहिए। समय पर उचित चिकित्सकीय सलाह और देखरेख स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डॉ. रमणेश मूर्ति बोले—सही और वैज्ञानिक जानकारी बेहद जरूरी
इस अवसर पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सुरक्षित गर्भपात के संबंध में सही और वैज्ञानिक जानकारी महिलाओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से गर्भपात से जुड़ी गलत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है।
उन्होंने महिलाओं तक प्रमाणित और वैज्ञानिक स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
देरी किए बिना योग्य चिकित्सक से लें सलाह : डॉ. लखन सिंह
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि महिलाओं को किसी भी स्वास्थ्य समस्या में देरी किए बिना योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने महिलाओं से स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता होने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की।
असुरक्षित उपायों से बचना जरूरी : डॉ. संगीता रमन जोगी
सिम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी ने कहा कि सुरक्षित गर्भपात के लिए सही समय पर चिकित्सकीय सलाह और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार के असुरक्षित उपाय अपनाने से बचने की अपील की।
उन्होंने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से परामर्श लेने और आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन के अनुसार ही आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नर्सिंग महाविद्यालय की छात्राओं ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम का आयोजन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वर्तिका गौरहा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में ओबीजी विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रीमती सलमा खान, प्रदर्शक श्रीमती रेश्मा एक्का तथा एम.एससी. नर्सिंग की छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और उपस्थित लोगों को सुरक्षित गर्भपात से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जागरूक किया गया।
सिम्स के मेडिकल और नर्सिंग स्टाफ सहित मरीज व परिजन रहे मौजूद
जागरूकता कार्यक्रम में नर्सिंग अधीक्षक स्वाती कुमार के साथ सरिता बहादुर, उज्ज्वला दास, नमिता वानी, राजकुमारी चौहान, पिंकी दास, सविता यादव, प्रभा सिन्हा, शीट कुर्रे, सुषमा तिर्की, माया, नीलिमा सिंह एवं मनोरमा लकरा सहित सिम्स के मेडिकल, नर्सिंग एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों ने भी सहभागिता की। अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षित गर्भपात को लेकर वैज्ञानिक जानकारी, चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता और असुरक्षित उपायों से बचने का संदेश दिया गया।

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