





बिलासपुर में संगीता सिन्हा ने संभाला मोर्चा, किसानों, बेरोजगारों, महिलाओं, महंगाई, राशन कार्ड और धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार को घेरा; SIR को लेकर भी रणनीति बनाने का दावा
बिलासपुर। कांग्रेस के महिला संगठन को प्रदेशभर में सक्रिय और मजबूत करने की कवायद के बीच सोमवार को बिलासपुर में आयोजित महिला कांग्रेस की बैठक ने संगठन के सामने मौजूद एक अलग ही तस्वीर भी सामने ला दी। प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एवं संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा बिलासपुर पहुंचीं और पदाधिकारियों के साथ संगठन की आगामी गतिविधियों तथा सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। लेकिन जिस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष दौरे पर हैं, उसी बिलासपुर बैठक में महिलाओं की मौजूदगी अपेक्षाकृत सीमित नजर आई। ऐसे में सवाल बैठक में उठाए गए राजनीतिक मुद्दों से ज्यादा संगठन की जमीनी सक्रियता और उसकी वास्तविक ताकत को लेकर खड़े होते दिखे।
बैठक में कांग्रेस ने किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। महिला कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में किसानों की समस्याएं बनी हुई हैं, बेरोजगार युवा रोजगार के लिए परेशान हैं और महिलाएं बढ़ती महंगाई का बोझ झेल रही हैं।
सरकार पर निशाना, लेकिन संगठन के सामने अपनी ही चुनौती
बैठक में महिला कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने और जिला संगठन में नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष की नियुक्ति तथा नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी मंथन किया गया।
संगीता सिन्हा ने कहा कि बिलासपुर की महिला कांग्रेस प्रदर्शन और संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरने का आह्वान किया।
हालांकि, बैठक में सीमित संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने संगठन की सक्रियता को लेकर सवाल भी पैदा किए। प्रदेश नेतृत्व का दौरा सामान्यतः संगठन के शक्ति प्रदर्शन का अवसर माना जाता है, लेकिन यहां तस्वीर ऐसी रही कि प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में शहर और जिला कांग्रेस कमेटी से जुड़े पदाधिकारी, कांग्रेस के विधायक और पूर्व विधायक तो नजर आए, लेकिन महिला कांग्रेस की बैठक में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नहीं दिखाई दी।
यही विरोधाभास बैठक का सबसे अहम राजनीतिक संदेश बनकर सामने आया—सरकार को घेरने की तैयारी कितनी भी आक्रामक हो, लेकिन अगर संगठन की जमीनी ताकत ही सीमित दिखाई दे तो सड़क पर संघर्ष का दावा कितना असरदार होगा, यह सवाल पार्टी के भीतर ही खड़ा होता है।
महंगाई से लेकर राशन कार्ड तक सरकार पर हमला
बैठक में महिला कांग्रेस ने महंगाई को प्रमुख मुद्दा बनाया। नेताओं ने शक्कर, खाद्य तेल, पेट्रोल-डीजल और कमर्शियल सिलेंडर के दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
इसके साथ ही राशन कार्ड और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में आ रही कथित दिक्कतों, ओटीपी जैसी समस्याओं तथा किसानों से जुड़े धान खरीदी के मुद्दे को भी उठाया गया।
संगीता सिन्हा ने कहा कि इन मुद्दों पर कांग्रेस सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। धान खरीदी को लेकर उनका राजनीतिक हस्तक्षेप पहले भी सामने आता रहा है। जनवरी 2026 में बालोद जिले के एक धान खरीदी केंद्र पर उन्होंने किसानों से जुड़ी शिकायतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
SIR पर भी बनेगी रणनीति
बैठक में SIR के मुद्दे पर भी आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। महिला कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर आगे आना होगा।
नेताओं ने कहा कि संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक सक्रिय करने की जरूरत है और महिला कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर समस्याओं को सामने लाना होगा।
‘सेवा संकल्प’ पर सवाल, तेल के दीये पर तंज
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अभियान के दौरान जनता से आवेदन तो लिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
उन्होंने तेल का दिया जलाने के अभियान पर भी राजनीतिक तंज कसा। महिला कांग्रेस की ओर से कहा गया कि यदि तेल के दीये जलाने में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों का उपयोग बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में किया जाए तो जनता के लिए उसका अधिक प्रत्यक्ष लाभ होगा।
महिला कांग्रेस का दावा—सड़क से सदन तक संघर्ष
महिला कांग्रेस ने साफ किया कि आने वाले दिनों में किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन तथा जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
संगीता सिन्हा ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने शुरू से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर दिया है। पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
जिला कांग्रेस कमेटी के गठन को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि नई कार्यकारिणी की घोषणा जल्द की जाएगी।
असली परीक्षा अब मैदान में होगी
बिलासपुर की बैठक ने कांग्रेस के सामने दो तस्वीरें एक साथ रख दीं। एक ओर प्रदेश नेतृत्व सरकार के खिलाफ महंगाई, बेरोजगारी, किसान, राशन कार्ड, धान खरीदी और SIR जैसे मुद्दों पर संघर्ष की रूपरेखा तैयार कर रहा है; दूसरी ओर स्थानीय महिला संगठन की बैठक में सीमित उपस्थिति संगठन की जमीनी पकड़ को लेकर सवाल छोड़ गई।
प्रदेश अध्यक्ष का दौरा संगठन को ऊर्जा देने के उद्देश्य से था, लेकिन अब असली चुनौती यह होगी कि बैठक में बने राजनीतिक एजेंडे को कितनी महिला कार्यकर्ता बूथ, वार्ड और गांव स्तर तक लेकर पहुंचती हैं।
क्योंकि राजनीति में मुद्दे उठाना एक हिस्सा है और उन मुद्दों को लेकर सड़क पर भीड़ जुटाना दूसरा। बिलासपुर महिला कांग्रेस के लिए आने वाला दौर इसी अंतर की परीक्षा लेने वाला है।



