
सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य शिविर; 530 मरीजों की ओपीडी, 90 जेरिएट्रिक मरीजों की जांच, 25 का ईसीजी और 80 की आरबीएस, बीपी व वजन जांच
बिलासपुर, 1 अक्टूबर 2026। विश्व वयोवृद्ध दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य शिविर एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में बुजुर्गों की स्वास्थ्य जांच के साथ उन्हें आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। वहीं नेत्र जांच के बाद 58 जरूरतमंद बुजुर्गों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।
मेडिसिन, ईएनटी और नेत्र विभाग ने की जांच
शिविर में मेडिसिन, कान-नाक-गला (ईएनटी) और नेत्र रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने वरिष्ठ नागरिकों की जांच की। ईएनटी विभाग में 67 मरीजों की आधुनिक मशीनों से जांच की गई। नेत्र रोग विभाग ने बुजुर्गों की आंखों की जांच की, जिसके बाद जरूरतमंद 58 वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क चश्मे दिए गए। मेडिसिन विभाग में सामान्य एवं पुरानी बीमारियों से संबंधित स्वास्थ्य जांच कर चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
शिविर के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, जोड़ों में दर्द, कम सुनाई देना, मोतियाबिंद, याददाश्त में कमी सहित वृद्धावस्था में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच और उपचार किया गया। चिकित्सकों ने वरिष्ठ नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
530 मरीजों की ओपीडी, 90 वृद्ध मरीज शामिल
शिविर में कुल 530 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें 90 जेरिएट्रिक यानी वृद्ध मरीज शामिल रहे। इसके अलावा 25 मरीजों का ईसीजी किया गया। वहीं 80 मरीजों की आरबीएस, रक्तचाप और वजन की जांच की गई।
बुजुर्गों के लिए सिम्स में अलग काउंटर और वार्ड में आयुष्मान पंजीयन
सिम्स प्रबंधन ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में विशेष व्यवस्थाएं की हैं। बुजुर्गों के लिए अलग पंजीयन काउंटर, दवा वितरण काउंटर और पर्ची बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
भर्ती होने वाले बुजुर्ग मरीजों को आयुष्मान कार्ड से संबंधित पंजीयन के लिए लाइन में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए वार्ड में जाकर ही आयुष्मान पंजीयन करने की व्यवस्था की गई है।
‘बुजुर्गों की सेवा और सम्मान हमारा दायित्व’
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सेवा और सम्मान करना सभी का दायित्व है। 60 वर्ष की आयु के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, इसलिए छोटी स्वास्थ्य समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से नियमित रक्तचाप, शुगर, आंख और कान की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतुलित भोजन, नियमित पैदल चलना, पर्याप्त नींद और परिवार के साथ समय बिताना स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। सिम्स में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था का उद्देश्य भी यही है कि उपचार के दौरान उन्हें कम से कम परेशानी हो और सम्मान के साथ समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
‘समय पर जांच से गंभीर बीमारियों से बचाव’
सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि वृद्धावस्था में होने वाली छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सिम्स वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर, सहज और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ये चिकित्सक और स्टाफ रहे मौजूद
कार्यक्रम में ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पांडे, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अमित ठाकुर, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचित सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. विद्या भूषण साहू, डॉ. श्वेता मित्तल, डॉ. कर्णिका रॉय, डॉ. अंजली, डॉ. रूपांजली, डॉ. आशुतोष कोरी, डॉ. सुयश सिंह, डॉ. घनश्याम एवं डॉ. नवनीत सहित चिकित्सक उपस्थित रहे।
नर्सिंग अधीक्षक स्वाती कुमार के साथ सरिता बहादुर, उज्ज्वला दास, नमिता वानी और राजकुमारी चौहान, पिंकी दास सहित नर्सिंग स्टाफ से पुष्पलता शर्मा, योगीता वर्मा, नेहा उरांव, पल्लवी कौमार्य, पपीहा साहा, उर्मिला भगत, प्रांजुल श्रीवास्तव एवं गरिमा पाण्डेय मौजूद रहीं। कार्यक्रम में सिम्स के मेडिकल, नर्सिंग, टेक्नीशियन एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।



