
कबड्डी के स्वर्ण से हॉकी की सुनहरी जीत तक… संजू देवी और मधु सिदार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया देश-प्रदेश का मान
बिलासपुर, 29 सितंबर 2026। एशिया के खेल मैदान पर तिरंगा ऊंचा करने के बाद बिलासपुर की दो बेटियां जब अपने शहर लौटीं तो उनका स्वागत सिर्फ खिलाड़ियों के तौर पर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुकी बेटियों के रूप में हुआ। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं संजू देवी और मधु सिदार का मंगलवार को बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपने कार्यालय में सम्मान किया। कलेक्टर ने दोनों खिलाड़ियों को गुलदस्ता भेंट कर आत्मीय स्वागत किया और उनकी स्वर्णिम उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां इसलिए भी खास हैं क्योंकि उन्होंने अलग-अलग खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। संजू देवी जापान में आयोजित 20वीं एशियाई महिला कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रहीं, जबकि मधु सिदार ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।
जापान से चीन तक तिरंगे की चमक
संजू देवी ने जापान के मैदान पर भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ स्वर्णिम सफलता हासिल की। वहीं मधु सिदार ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया हॉकी प्रतियोगिता में भारत की जीत में अपनी भूमिका निभाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। दो अलग खेल, दो अलग अंतरराष्ट्रीय मंच और एक साझा पहचान—भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटियां।
दोनों खिलाड़ी बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षणरत हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने के बाद दोनों खिलाड़ियों का यह पहला बिलासपुर आगमन था। ऐसे में कलेक्टर द्वारा किया गया सम्मान उनकी उपलब्धि के साथ-साथ जिले में खेल प्रतिभाओं को मिल रहे प्रोत्साहन का भी संदेश बना।
कलेक्टर बोले—बिलासपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संजू देवी और मधु सिदार की सफलता जिले के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
कलेक्टर का यह सम्मान उन खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है, जो खेल के मैदान में अपने सपनों को आकार दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर पदक जीतने वाली इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि बताती है कि निरंतर प्रशिक्षण, प्रतिभा और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए स्थानीय स्तर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है।
संजू देवी ने कहा—देश के लिए स्वर्ण जीतना गर्व का क्षण
सम्मान से अभिभूत संजू देवी ने कहा कि देश के लिए खेलना और स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। उन्होंने बिलासपुर लौटने पर मिले सम्मान और प्रोत्साहन को आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा बताया।
संजू की यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता से आगे बढ़कर उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए उम्मीद की तस्वीर पेश करती है, जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं।
बहतराई के सेंटर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
संजू देवी और मधु सिदार दोनों बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण ले रही हैं। इसी प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़ी दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया है।
बिलासपुर के खेल परिसर से निकलकर जापान और चीन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंची इन खिलाड़ियों की कहानी स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण है। इनकी उपलब्धि से न केवल परिवार और जिले का गौरव बढ़ा है, बल्कि बिलासपुर की खेल पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई मजबूती मिली है।
एक नजर में उपलब्धि
संजू देवी
खेल : कबड्डी
प्रतियोगिता : 20वीं एशियाई महिला कबड्डी प्रतियोगिता
आयोजन स्थल : जापान
उपलब्धि : भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक
मधु सिदार
खेल : हॉकी
प्रतियोगिता : जूनियर एशिया हॉकी प्रतियोगिता
आयोजन स्थल : चीन
उपलब्धि : स्वर्ण पदक
दोनों खिलाड़ी बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षणरत हैं।
सम्मान समारोह में ये रहे मौजूद
सम्मान समारोह के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, उप संचालक खेल विभाग श्री ए. एक्का सहित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के खिलाड़ी और प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
स्वर्ण पदक से बड़ी है प्रेरणा
संजू देवी और मधु सिदार के गले में चमकते स्वर्ण पदक सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक नहीं हैं। ये पदक बिलासपुर के खेल मैदानों में अभ्यास कर रहे उन युवाओं के लिए भी संदेश हैं कि स्थानीय प्रतिभा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच की राह बंद नहीं है। जापान और चीन से स्वर्ण लेकर लौटीं इन दोनों बेटियों ने यह साबित किया है कि बिलासपुर की खेल प्रतिभा अब सिर्फ जिले या प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि एशिया के खेल मंच पर भी अपनी पहचान दर्ज करा रही है।



