Latest news

बिलासपुर में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर JDA का आंदोलन फिर तेज, 28 सितंबर से OPD-वार्ड के बहिष्कार का ऐलान

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
8 Min Read

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन का एक सप्ताह पूरा, इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ा लेकिन बाकी मांगों पर लिखित आदेश नहीं; PG रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और बॉन्डेड डॉक्टर भी आंदोलन में होंगे



बिलासपुर। 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ का आंदोलन अब एक बार फिर व्यापक होने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद सरकार को दिया गया एक सप्ताह का समय पूरा होने के बावजूद अधिकांश मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं होने से JDA CIMS बिलासपुर ने 28 सितंबर 2026 से आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का ऐलान किया है। संगठन के अनुसार इस चरण में CIMS बिलासपुर के Junior Doctors, PG Residents, Post-PG Bonded Doctors और Senior Residents शामिल होंगे। आंदोलन के तहत OPD, वार्ड और अन्य नियमित चिकित्सकीय सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार को लेकर भी आंदोलन को और व्यापक करने का निर्णय लिया गया है।
कई महीनों से मांगों को लेकर संघर्ष
JDA छत्तीसगढ़ के अनुसार चिकित्सकों की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई महीनों से शासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष लगातार पत्राचार, ज्ञापन और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से मांगें रखी जा रही हैं। मांगों के समर्थन में चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन, रैली और कैंडल मार्च जैसे शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक कार्यक्रम भी किए हैं।
संगठन का कहना है कि लगातार संवाद और शांतिपूर्ण प्रयासों के बाद भी सभी मांगों का समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के बाद एक सप्ताह का दिया था समय
JDA प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई चर्चा के दौरान मांगों के निराकरण के लिए समय मांगा गया था। मंत्री के आश्वासन और सकारात्मक बातचीत को देखते हुए JDA ने उस समय प्रस्तावित आंदोलन को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया था। संगठन ने सरकार को आवश्यक कार्रवाई करने का अवसर देते हुए सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई थी।
JDA का कहना है कि निर्धारित अवधि के दौरान संगठन सरकार के निर्णय का इंतजार करता रहा। हालांकि अब तक 17 सूत्रीय मांगों में से केवल MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में वृद्धि का आदेश जारी हुआ है। अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर अभी भी स्पष्ट और लिखित निर्णय की आवश्यकता है।
MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 25 हजार हुआ, 1 अक्टूबर से लागू
सरकार की ओर से MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में वृद्धि की गई है। अब इंटर्न को 25 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। यह निर्णय 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होना बताया गया है।
JDA ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है। हालांकि संगठन का कहना है कि यह 17 सूत्रीय मांगपत्र की केवल एक मांग पर हुई कार्रवाई है। शेष मांगों का समाधान अभी बाकी है।
PG रेजिडेंट्स से लेकर बॉन्डेड डॉक्टरों तक की मांगें लंबित
JDA CIMS बिलासपुर के अनुसार शेष मांगों में PG रेजिडेंट्स, Senior Residents और Bonded Doctors के स्टाइपेंड/मानदेय में संशोधन, बॉन्ड पॉलिसी की अवधि कम करना तथा चिकित्सकों से जुड़े अन्य लंबित सेवा संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
संगठन का कहना है कि इन मांगों पर केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा। सरकार की ओर से स्पष्ट और लिखित आदेश जारी किया जाना जरूरी है। JDA ने कहा है कि एक मांग पर सरकार की कार्रवाई का स्वागत है, लेकिन 17 सूत्रीय मांगपत्र की शेष मांगों का निराकरण होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
28 सितंबर से OPD और वार्ड सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय
JDA CIMS बिलासपुर ने स्पष्ट किया है कि यदि 28 सितंबर से पहले शेष मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके तहत Junior Doctors, PG Residents, Post-PG Bonded Doctors और Senior Residents आंदोलन में शामिल होंगे। संगठन द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार OPD, वार्ड और अन्य नियमित चिकित्सकीय सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार को लेकर भी आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इससे CIMS की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बन सकती है।
JDA बोला- मरीजों के खिलाफ नहीं है आंदोलन
JDA CIMS बिलासपुर ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सकों का संघर्ष मरीजों या आम जनता के खिलाफ नहीं है। संगठन ने कहा कि जनसेवा और मरीजों का हित हमेशा उसकी प्राथमिकता रहा है। आंदोलन के दौरान भी मरीजों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखने के लिए वैकल्पिक और मानवीय व्यवस्था पर जोर दिया जाता रहा है।
JDA का कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने और चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय से संवाद का रास्ता अपनाया गया है।
अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र साहू बोले- अब आंदोलन आगे बढ़ाने के अलावा विकल्प नहीं
JDA CIMS अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र साहू ने कहा कि संगठन ने लंबे समय तक संवाद, ज्ञापन, पत्राचार और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया है। यदि इसके बाद भी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो चिकित्सकों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
महासचिव डॉ. योगेश्वर जायसवाल ने कहा- आश्वासन के बाद आदेश जरूरी
प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर जायसवाल ने कहा कि JDA हमेशा संवाद और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रखता आया है। संगठन सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन का सम्मान करता है और उम्मीद करता है कि शेष मांगों पर भी जल्द सकारात्मक एवं लिखित निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सकों को बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद ठोस आदेश जारी नहीं होता है तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होगा।
डॉ. जायसवाल के अनुसार JDA की प्राथमिकता हमेशा जनता की सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना रही है। संगठन लंबे समय से शासन को यह भी अवगत कराता रहा है कि यदि आंदोलन व्यापक होता है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो समय रहते मांगों का समाधान कर ऐसी स्थिति को टाला जा सकता है।
28 सितंबर से पहले समाधान की अपील
JDA CIMS बिलासपुर ने सरकार से एक बार फिर आग्रह किया है कि 28 सितंबर से पहले 17 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक और स्पष्ट लिखित निर्णय लिया जाए। संगठन का कहना है कि मांगों का समाधान होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और चिकित्सक पूरी क्षमता के साथ मरीजों की सेवा में लौट सकेंगे।
JDA ने कहा है कि संवाद का रास्ता हमेशा खुला है, लेकिन मांगों के समाधान तक संवैधानिक आंदोलन जारी रहेगा।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।