

1:3 अनुपात में करीब 795 अभ्यर्थियों के चयन का दावा, 608 के चयन पर आपत्ति; नेहरू चौक पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
बिलासपुर। CGPSC मुख्य परीक्षा 2025 के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नेहरू चौक पर जुटे और परिणाम में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
अभ्यर्थियों का दावा है कि साक्षात्कार के लिए 1:3 के अनुपात के अनुसार करीब 795 अभ्यर्थियों का चयन होना था, लेकिन परिणाम में 608 अभ्यर्थियों को ही चयनित किया गया है। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की प्रक्रिया की दोबारा जांच कराने की मांग उठाई है।
उत्तरपुस्तिकाओं की पुनः जांच और पुनर्मूल्यांकन की मांग
अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की पुनः जांच, पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
OMR से लेकर मॉडल उत्तर तक 11 सूत्रीय मांगें
अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों में OMR की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। इसके अलावा मूल्यांकनकर्ताओं के लिए पारदर्शी और स्पष्ट मानदंड तय करने तथा RTI के तहत उत्तरपुस्तिकाओं की डिजिटल कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
अभ्यर्थियों ने मॉडल उत्तर जारी करने, परीक्षा में आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों पर रोक लगाने और साक्षात्कार प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी की है। इन मुद्दों समेत अभ्यर्थियों ने कुल 11 सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी हैं।
मुख्यमंत्री से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
अभ्यर्थियों ने कहा कि CGPSC मुख्य परीक्षा के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।



