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JDA का आंदोलन जारी… इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ने पर सरकार को धन्यवाद, 17 सूत्रीय मांगों पर अब भी अड़े जूनियर डॉक्टर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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28 सितंबर से आंदोलन और व्यापक करने की चेतावनी; मेडिकल कॉलेजों से जिला अस्पताल, CHC और PHC तक OPD बहिष्कार की तैयारी


JDA छत्तीसगढ़ ने कहा—एक मांग पूरी होने से उत्साह बढ़ा, लेकिन प्रमुख और शेष मांगों का समाधान अभी बाकी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) का 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के बीच राज्य सरकार द्वारा इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि किए जाने पर JDA छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया है। हालांकि एसोसिएशन ने साफ किया है कि स्टाइपेंड में वृद्धि के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं होगा, क्योंकि उसकी प्रमुख और शेष मांगों का समाधान अभी बाकी है।


JDA ने सरकार के इस निर्णय को अपनी मांगों के प्रति सकारात्मक पहल और चिकित्सकों की मांगों के संज्ञान में लिए जाने का संकेत बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि एक मांग पूरी होने से डॉक्टरों में उत्साह जरूर बढ़ा है, लेकिन 17 सूत्रीय मांगों में शामिल अन्य प्रमुख मुद्दों पर ठोस निर्णय का इंतजार है।
28 सितंबर से आंदोलन और व्यापक करने की चेतावनी
JDA छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। एसोसिएशन के मुताबिक, यदि सरकार शेष मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती और प्रमुख मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 28 सितंबर 2026 से प्रदेशव्यापी आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
JDA ने संकेत दिया है कि आंदोलन के अगले चरण में केवल जूनियर डॉक्टर ही नहीं, बल्कि चिकित्सकों के अन्य वर्ग भी इसमें शामिल होंगे।
मेडिकल कॉलेज से CHC-PHC तक असर की चेतावनी
एसोसिएशन के अनुसार अगले चरण में जूनियर डॉक्टर, PG डॉक्टर, UG एवं PG बॉन्डेड डॉक्टर, इंटर्न डॉक्टर सहित अन्य चिकित्सक आंदोलन में शामिल होने के लिए बाध्य हो सकते हैं।
JDA ने कहा है कि आंदोलन को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तक विस्तार दिया जा सकता है। इसमें OPD सेवाओं के बहिष्कार के साथ आवश्यकता के अनुसार अन्य सेवाओं के बहिष्कार का भी रास्ता अपनाया जा सकता है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार के आश्वासन और वादे पूरे करने की मांग
JDA छत्तीसगढ़ ने सरकार से आग्रह किया है कि चिकित्सकों को दिए गए आश्वासनों और किए गए वादों को शीघ्र पूरा किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि मांगों का सकारात्मक और स्थायी समाधान होने से न केवल चिकित्सकों में विश्वास और सकारात्मक वातावरण बनेगा, बल्कि आम जनता को भी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की असुविधा से बचाया जा सकेगा।
JDA के मुताबिक, चिकित्सकों की नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
‘एक मांग पूरी हुई, लेकिन लड़ाई अभी बाकी’
JDA ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि को वह सरकार की सकारात्मक पहल के तौर पर देखता है, लेकिन इसे आंदोलन की समाप्ति का आधार नहीं माना जा सकता। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक प्रमुख और जायज मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
जरूरत पड़ने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक करने की बात भी JDA ने दोहराई है।
JDA का संदेश: डॉक्टर एकजुट
JDA छत्तीसगढ़ ने कहा—
“हम सभी डॉक्टर एक हैं। जब तक हमारी प्रमुख एवं जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।”
एसोसिएशन ने अपने आंदोलन को जनहित, चिकित्सक हित और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की अपील की है।
JDA छत्तीसगढ़ की ओर से जारी संदेश:
जनहित में — चिकित्सक हित में — बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए।
जय जोहार! जय छत्तीसगढ़!
— डॉ. नागेंद्र कुमार साहू
अध्यक्ष, Junior Doctor Association (JDA), Chhattisgarh

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