

















बिलासपुर। शहर में अवैध प्लॉटिंग, अवैध कॉलोनी विकास और बिना अनुमति निर्माण के खिलाफ नगर निगम बिलासपुर ने सख्त रुख अपनाते हुए अशोक नगर, मोपका और चिल्हाटी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर भवन शाखा और जोन क्रमांक-07 की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग में बनाई गई संरचनाओं को हटाने के साथ ही अनधिकृत निर्माण पर भी कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान चिल्हाटी में बिना अनुमति बनाए जा रहे चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि अनुमति के विपरीत किए गए दुकान निर्माण को सील किया गया। निगम की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों में हड़कंप की स्थिति रही।
अशोक नगर में पौन एकड़ में चल रही थी अवैध प्लॉटिंग
निगम की टीम ने अशोक नगर में सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे कार्रवाई की। यहां अनूप अग्रवाल द्वारा लगभग पौन एकड़ जमीन पर अवैध प्लॉटिंग किए जाने की जानकारी सामने आई। निगम के अनुसार उक्त अवैध प्लॉटिंग में बनाई गई सीसी सड़क को तोड़ा गया।
चिल्हाटी में करीब 2 एकड़ की प्लॉटिंग पर कार्रवाई
इसी तरह चिल्हाटी में नारद वर्मा द्वारा लगभग 2 एकड़ जमीन में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी निगम ने कार्रवाई की। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण एवं विकास कार्यों पर कार्रवाई की।
चौक पर अनुमति के विपरीत दुकान निर्माण सील
चिल्हाटी चौक में लता पटेल द्वारा अनुमति के विपरीत किए गए दुकान निर्माण को नगर निगम की टीम ने सील कर दिया। निगम ने अनधिकृत निर्माण को लेकर स्पष्ट किया कि स्वीकृत अनुमति और निर्माण की वास्तविक स्थिति में अंतर पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धान मंडी रोड पर बिना अनुमति बन रहे थे 4 मकान, निगम ने गिराए
चिल्हाटी के धान मंडी रोड पर मनीष ओबरानी द्वारा बिना अनुमति चार मकानों का निर्माण कराया जा रहा था। निगम की कार्रवाई के दौरान इन चारों निर्माणाधीन अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
अवैध कॉलोनियों और निर्माण पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्लॉटिंग, अवैध कॉलोनी विकास और अनधिकृत निर्माण के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वैधता की जांच जरूर करें।
निगम के मुताबिक प्लॉट खरीदने से पहले नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की अनुमति और नगर निगम से संबंधित स्वीकृतियों की जांच करना जरूरी है। इससे भविष्य में खरीदारों को कानूनी अथवा अन्य परेशानियों का सामना करने से बचाया जा सकता है।
नियमों का उल्लंघन मिला, कोर्ट में परिवाद की तैयारी
नगर निगम के अनुसार कार्रवाई के दौरान संबंधित मामलों में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 292(ग)(2) तथा छत्तीसगढ़ नगर पालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन, निबंधन एवं शर्तें) नियम, 2013 के नियम 03, 10 एवं 13 का उल्लंघन पाया गया है।
निगम प्रशासन अब संबंधित अवैध प्लॉटिंगकर्ताओं के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर करने की तैयारी में है। यानी कार्रवाई केवल मौके पर अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा सकती है।
कार्रवाई में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी अनूप तिवारी, जोन क्रमांक-07 के जोन आयुक्त भूपेंद्र उपाध्याय, सहायक भवन अधिकारी आशीष पाण्डेय, उप अभियंता जुगल किशोर सिंह, मानचित्रकार अरुण कुमार यादव और उप अभियंता गोपाल अग्रवाल सहित हल्का पटवारी, अतिक्रमण प्रभारी एवं कर्मचारी तथा पुलिस बल मौजूद रहा।
नगर निगम की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर में बिना स्वीकृति प्लॉटिंग और निर्माण को लेकर निगम अब मौके पर कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में भी है।



