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काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों का सांकेतिक प्रदर्शन, 3 दिन रैली-कैंडल मार्च; मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ के आह्वान पर CIMS बिलासपुर मेडिकल कॉलेज के PG और इंटर्न डॉक्टरों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने OPD और Emergency सेवाएं जारी रखते हुए शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी 17 सूत्रीय मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।


JDA छत्तीसगढ़ ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई चर्चा और मांगों के निराकरण के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई है। इसके बावजूद JDA ने सांकेतिक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।


तीन दिन तक जारी रहेगा सांकेतिक आंदोलन
JDA CIMS बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र कुमार साहू ने बताया कि डॉक्टर फिलहाल काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। यह सांकेतिक आंदोलन आगामी तीन दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। इनमें रैली और कैंडल मार्च प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित समयावधि में मांगों के संबंध में कोई सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो JDA छत्तीसगढ़ आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और अधिक प्रभावी एवं व्यापक करेगा।


OPD और Emergency सेवाएं चलती रहेंगी
JDA छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर जायसवाल ने कहा कि प्रदेशभर के चिकित्सक काली पट्टी बांधकर OPD और Emergency सेवाएं निरंतर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों और आम जनता की सेवा JDA की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. योगेश्वर जायसवाल के मुताबिक, JDA का उद्देश्य आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी पहुंचाना नहीं है। चिकित्सक चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें न्याय दे, ताकि वे पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ मरीजों की सेवा करते रहें।
स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर जताया भरोसा
JDA पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के आश्वासन पर भरोसा है। संगठन को उम्मीद है कि आश्वासन के अनुरूप चिकित्सकों की मांगों के संबंध में जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि JDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सरकार की ओर से चिकित्सकों की मांगों को लेकर कोई ठोस और सकारात्मक आदेश जारी नहीं किया जाता है, तो संगठन आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के लिए मजबूर होगा।
मेडिकल कॉलेज से लेकर PHC तक आंदोलन की चेतावनी
JDA के अनुसार अगले चरण में आंदोलन को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तक चरणबद्ध तरीके से ले जाया जाएगा।
संगठन ने आवश्यकता पड़ने पर Emergency सेवाएं भी बंद करने और प्रदेशव्यापी हड़ताल का निर्णय लेने की चेतावनी दी है। हालांकि वर्तमान में डॉक्टरों द्वारा OPD और Emergency सेवाएं जारी रखी जा रही हैं।
‘चिकित्सकों के अधिकार और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए संघर्ष’
JDA छत्तीसगढ़ ने कहा है कि उसका संघर्ष चिकित्सकों के अधिकारों के साथ बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए है। संगठन ने सरकार के साथ सकारात्मक संवाद और मांगों के जल्द समाधान की अपेक्षा जताई है।
फिलहाल CIMS बिलासपुर में डॉक्टर काली पट्टी बांधकर मरीजों को चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। आने वाले तीन दिनों में रैली और कैंडल मार्च सहित सांकेतिक कार्यक्रमों के जरिए मांगों को लेकर विरोध जारी रखने की बात JDA ने कही है।

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