Latest news

17 सूत्रीय मांगों पर नहीं बनी बात तो 21 सितंबर से जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 23 से इमरजेंसी सेवाएं भी होंगी प्रभावित

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
7 Min Read


सिम्स में JDA ने डीन और एमएस को फिर सौंपा ज्ञापन, छह महीने से शासन-प्रशासन को पत्राचार के बावजूद ठोस निर्णय नहीं होने का दावा; पहले दो दिन OPD, IPD और गैर-आपात सेवाओं का बहिष्कार
बिलासपुर, 18 सितंबर 2026। चिकित्सकों की 17 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर Junior Doctors Association (JDA), छत्तीसगढ़ ने शुक्रवार को एक बार फिर सिम्स के डीन और MS, CIMS Hospital को ज्ञापन सौंपा। JDA पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने इस दौरान आगामी आंदोलन की रूपरेखा, उसके विभिन्न चरणों और मरीजों व आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आंदोलन को जिम्मेदार एवं शांतिपूर्ण तरीके से संचालित करने पर चर्चा की।
JDA का कहना है कि पिछले करीब छह महीने से शासन और प्रशासन को लगातार पत्राचार एवं ज्ञापन के माध्यम से चिकित्सकों की सेवा, स्टाइपेंड, बॉन्ड, करियर और कार्य परिस्थितियों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों और शासन के समक्ष समय-समय पर समस्याएं रखकर सकारात्मक संवाद और समाधान का प्रयास भी किया गया, लेकिन अपेक्षित स्तर पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने से चिकित्सक समुदाय में निराशा और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
संगठन ने कहा है कि उसने हमेशा संवाद और लोकतांत्रिक माध्यम से समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी है तथा आंदोलन को अंतिम विकल्प के रूप में रखा गया है।
पहले भी दी थी 15 दिन की सूचना
JDA के अनुसार, संगठन ने पूर्व में भी 15 दिन पहले ज्ञापन एवं सूचना देकर शासन से 17 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए समयबद्ध निराकरण का अनुरोध किया था। निर्धारित अवधि में अपेक्षित ठोस निर्णय नहीं होने के बाद अब आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
21 सितंबर सुबह 8 बजे से कार्य बहिष्कार
JDA छत्तीसगढ़ ने 21 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार/हड़ताल शुरू करने की सूचना दी है। संगठन के अनुसार इसमें प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, CHC और PHC में कार्यरत संबंधित चिकित्सकों के साथ Intern Doctors, UG Bonded Doctors, PG Resident Doctors और PG Bonded Doctors सहित अन्य संबंधित चिकित्सक शामिल रहेंगे।
पहले दो दिन OPD और IPD की नियमित सेवाओं का बहिष्कार
JDA ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया है।
पहला चरण—21 एवं 22 सितंबर 2026
OPD सेवाओं का कार्य बहिष्कार।
IPD से संबंधित नियमित/निर्धारित सेवाओं का कार्य बहिष्कार।
Elective एवं Non-Emergency कार्यों का कार्य बहिष्कार।
दूसरा चरण—23 सितंबर 2026 से
यदि शासन की ओर से मांगों पर कोई ठोस, सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को और विस्तारित किया जाएगा। इस चरण में Emergency एवं अन्य सेवाओं से भी पूर्ण कार्य बहिष्कार किए जाने की घोषणा JDA ने की है।
क्या हैं JDA की 17 सूत्रीय मांगें?
JDA की मांगों में चिकित्सकों के स्टाइपेंड, बॉन्ड, वेतन-मानदेय, सेवा शर्तों, उच्च शिक्षा, प्रमोशन और करियर से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।
MBBS Intern Doctors के स्टाइपेंड में वृद्धि।
PG Resident Doctors के स्टाइपेंड में वृद्धि।
DM/MCh Residents के स्टाइपेंड में वृद्धि।
MBBS एवं Post-PG Bonded Doctors के वेतन/मानदेय में वृद्धि।
Bond अवधि को कम एवं तर्कसंगत किया जाए।
MBBS एवं PG Bond Amount को तर्कसंगत एवं न्यूनतम किया जाए।
Higher Education के लिए Property/Mortgage की अनिवार्यता समाप्त कर सरल NOC व्यवस्था लागू की जाए।
PG में चयनित चिकित्सकों की पूर्व Bond Service का उचित समायोजन किया जाए।
In-Service Doctors की पूर्व सेवा अवधि का Bond Service में समायोजन किया जाए।
Super-Speciality Cadre का गठन किया जाए।
लंबित Ayushman Bharat Incentive राशि का भुगतान किया जाए।
Contractual Doctors के मानदेय का पुनरीक्षण किया जाए।
DA, TA, HRA, NPA एवं अन्य अनुमन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।
चिकित्सकों के लिए नियमित एवं स्थायी वेतन पुनरीक्षण प्रणाली लागू की जाए।
JR/SR/Demonstrator की भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
Bond Posting की समयबद्ध एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
PG Bond Service को समान रूप से Senior Residency (SR) Experience के रूप में मान्यता दी जाए, ताकि चिकित्सकों को भविष्य में समान अवधि की अतिरिक्त SR सेवा करने के लिए बाध्य न होना पड़े।
JDA बोला—आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं
JDA सिम्स बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र साहू ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति, अधिकारी, मेडिकल कॉलेज, जिला प्रशासन अथवा शासन के विरुद्ध जाना नहीं है। संगठन चिकित्सकों की न्यायसंगत एवं नीतिगत मांगों के समाधान, सेवा व्यवस्था में समानता तथा चिकित्सकों के भविष्य और करियर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए चरणबद्ध आंदोलन
JDA छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर जायसवाल ने बताया कि संगठन इस बात पर विशेष जोर दे रहा है कि आम जनता और मरीजों को किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा न हो। इसी उद्देश्य से आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन को पर्याप्त समय और अवसर दिया जा रहा है, ताकि मांगों का समाधान संवाद के माध्यम से हो सके।
शासन से JDA की अंतिम अपील—तत्काल बैठक बुलाकर रोडमैप जारी करें
JDA छत्तीसगढ़ ने शासन से पुनः अपील की है कि 17 सूत्रीय मांगों को लेकर तत्काल उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाए। संगठन ने प्रत्येक मांग पर स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्णय लेने के साथ मांगों के निराकरण के लिए स्पष्ट Roadmap और Timeline जारी करने की मांग की है।
विशेष रूप से Stipend, Bond Service, Bond Posting और SR Experience से संबंधित मांगों पर प्राथमिकता से निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है।
JDA का कहना है कि संगठन जनहित और चिकित्सक हित दोनों को ध्यान में रखते हुए समाधान चाहता है। यदि शासन की ओर से समय रहते सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लिया जाता है, तो हड़ताल जैसी स्थिति को टाला जा सकता है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।