विशेषज्ञों ने किया चिकित्सकीय मूल्यांकन, जांच और उपचार की दी सलाह; प्रारंभिक पहचान को बताया कैंसर के खिलाफ सबसे अहम हथियार
बिलासपुर, 18 सितंबर 2026। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत कैंसर रोग विभाग द्वारा विशेष परामर्श शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 35 मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। जांच एवं चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद 13 मरीजों को बेहतर उपचार और आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए आईपीडी में भर्ती किया गया है।
हर शुक्रवार लगेगा कैंसर विशेष परामर्श शिविर
सिम्स के कैंसर रोग विभाग की ओर से यह विशेष परामर्श शिविर प्रत्येक शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित किया जा रहा है। शुक्रवार को आयोजित शिविर में पहुंचे मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया। मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार आवश्यक जांच, आगे के उपचार, नियमित चिकित्सकीय निगरानी और फॉलोअप के संबंध में सलाह दी गई।
शिविर में परीक्षण किए गए 35 मरीजों में से 13 मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए आईपीडी में भर्ती किया गया। भर्ती मरीजों की आवश्यकता के अनुसार उपचार और संबंधित चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
लक्षण दिखें तो इंतजार नहीं, तत्काल कराएं जांच
शिविर का प्रमुख उद्देश्य ऐसे मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है, जिनमें कैंसर से संबंधित लक्षण दिखाई दे रहे हैं या जिन्हें आगे की जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता है। शिविर के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों को कैंसर की प्रारंभिक पहचान, उपलब्ध उपचार सुविधाओं और नियमित फॉलोअप के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने लोगों को शरीर में दिखाई देने वाली असामान्य गांठ, लगातार दर्द, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, लंबे समय तक ठीक न होने वाला घाव अथवा अन्य असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। ऐसे लक्षण सामने आने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी बताया गया।
कैंसर विभागाध्यक्ष बोले—प्रारंभिक अवस्था में पहचान से उपचार अधिक प्रभावी
कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रहास ध्रुव ने कहा कि कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता चलने पर उसका उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शरीर में किसी भी प्रकार की असामान्य गांठ, लगातार दर्द, बिना कारण वजन कम होना, लंबे समय तक ठीक न होने वाला घाव या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे तो तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
डॉ. ध्रुव के अनुसार, समय पर जांच और उपचार गंभीर स्थिति से बचाव का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि सिम्स में कैंसर मरीजों के निदान एवं उपचार के लिए आवश्यक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सिम्स में कैंसर उपचार सुविधाओं को लगातार किया जा रहा सुदृढ़
सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। कैंसर जैसे गंभीर रोग के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना और मरीजों को प्रारंभिक स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना इस अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने कहा कि सिम्स प्रबंधन का निरंतर प्रयास है कि किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। संस्थान में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी परामर्श, सर्जरी तथा आवश्यक जांच एवं उपचार सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
सिम्स प्रबंधन का उद्देश्य यह है कि मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता कम से कम हो और उन्हें संस्थान में ही आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ परामर्श से मरीजों को राहत
शिविर में पहुंचे मरीजों ने सिम्स प्रबंधन की इस पहल की सराहना की। मरीजों के अनुसार, एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, आवश्यक जांच की सलाह और जरूरत पड़ने पर भर्ती की सुविधा मिलने से उपचार प्रक्रिया में काफी सहूलियत हुई।
नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे ऐसे शिविरों से कैंसर के संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
शिविर में इन चिकित्सकों एवं स्टाफ की रही महत्वपूर्ण भूमिका
विशेष परामर्श शिविर में सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रहास ध्रुव, डॉ. हेमू टंडन, डॉ. ऋचा अग्रवाल, डॉ. शिवम सोन थालिया और डॉ. एरिक केरकेट्टा सहित विभाग के अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
इसके अलावा नर्सिंग अधिकारी सरिता बहादुर, उज्वला दाश तथा सहयोगी स्टाफ ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।
मुख्य तथ्य | सेवा संकल्प अभियान-2026
स्थान: छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर
अभियान: सेवा संकल्प अभियान-2026
विशेषज्ञ विभाग: कैंसर रोग विभाग
शिविर: कैंसर रोग विशेष परामर्श शिविर
शिविर का समय: प्रत्येक शुक्रवार, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक
इस शिविर में परीक्षण: 35 मरीज
आईपीडी में भर्ती: 13 मरीज
उद्देश्य: कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार
प्रमुख सलाह: असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय जांच कराएं
उपलब्ध उपचार सुविधाएं: कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी परामर्श, सर्जरी तथा आवश्यक जांच एवं उपचार सुविधाएं
हेल्थ अलर्ट
कैंसर के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण कदम है—लक्षणों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना। असामान्य गांठ, लगातार दर्द, बिना कारण वजन कम होना या लंबे समय तक ठीक न होने वाला घाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना चाहिए। सिम्स का नियमित शुक्रवार शिविर ऐसे मरीजों के लिए विशेषज्ञ परामर्श और आगे की उपचार प्रक्रिया तक पहुंच का माध्यम बन रहा है।



