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भाजपा नेता विष्णु यादव का आरोप, मेरी जमीन दिखाकर बेच दी सड़क तक, 6-7 महीने से तहसील में अटकी फाइल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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तीसरी बार जनदर्शन पहुंचे, बोले- 0.70 एकड़ को 0.77 एकड़ बनाकर की गई प्लॉटिंग, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
बिलासपुर। भाजपा नेता विष्णु प्रसाद यादव ने अपनी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी के मामले में जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी 0.70 एकड़ भूमि को कूटरचना कर 0.77 एकड़ दर्शाया गया, फिर जमीन के टुकड़े कर अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। इतना ही नहीं, प्लॉटिंग के लिए छोड़ी गई सड़क की जमीन को भी उनकी भूमि बताकर विक्रय कर दिया गया। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने तीसरी बार जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई है।


भाजपा नेता विष्णु यादव ने 23 जून 2026 को जिला कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि इससे पहले भी वे 26 मई 2025 और 2 जून 2026 को जनदर्शन में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक मामले का निराकरण नहीं हुआ।

खसरा नंबर 381/7 को लेकर पूरा विवाद
शिकायत के अनुसार मामला मौजा चांटीडीह, पटवारी हल्का नंबर 20/33, आरआई मंडल सरकंडा, तहसील एवं जिला बिलासपुर स्थित खसरा नंबर 381/7 की भूमि से जुड़ा है। विष्णु यादव का कहना है कि उनकी 0.70 एकड़ जमीन को रिकॉर्ड में 0.77 एकड़ दर्शाकर कूटरचना की गई और बाद में विभिन्न लोगों को प्लॉट के रूप में बेच दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्लॉटिंग के दौरान आने-जाने के लिए छोड़ी गई सड़क की भूमि का हिस्सा भी उनकी जमीन बताकर बेच दिया गया, जिससे उनके स्वामित्व वाली जमीन प्रभावित हुई।
‘पटवारी ने जांच कर दी, लेकिन 6-7 महीने तहसीलदार के पास अटकी रही फाइल’
विष्णु यादव ने आवेदन में कहा है कि उनकी शिकायत पर पटवारी ने जांच कर रिपोर्ट तहसील कार्यालय भेज दी थी, लेकिन यह फाइल तत्कालीन तहसीलदार आकाश गुप्ता के पास करीब 6 से 7 महीने तक लंबित रही।
उनका कहना है कि जब उन्होंने स्वयं कार्यालय जाकर जानकारी ली तो बताया गया कि फाइल पर कोई अधिकारी निर्णय नहीं ले रहा है क्योंकि जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। यह भी कहा गया कि फाइल एसडीएम कार्यालय से तीन-चार बार वापस आ चुकी है।
एसडीएम को व्हाट्सएप पर भेजी शिकायत
विष्णु यादव ने बताया कि कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी। इसके बाद एसडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन तहसीलदार से चर्चा कर फाइल अपने कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।
हालांकि कुछ दिन बाद फाइल यह टिप्पणी करते हुए वापस कर दी गई कि स्पष्ट अभिमत नहीं होने के कारण फाइल लौटाई जा रही है।
तहसीलदार बदले, लेकिन कार्रवाई नहीं
आवेदन में कहा गया है कि फाइल लौटने तक चांटीडीह हल्के का प्रभार तहसीलदार समर्थ थवाईत को मिल चुका था। वर्तमान में फाइल उन्हीं के पास है।
विष्णु यादव का कहना है कि वे लगातार एसडीएम और तहसीलदार से संपर्क कर रहे हैं। एसडीएम ने भी स्पष्ट अभिमत के साथ फाइल भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक फाइल एसडीएम कार्यालय नहीं पहुंची है।
राजकुमारी पाण्डेय और पूजा कछवाहा का भी उल्लेख
भाजपा नेता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि विक्रेता ने वास्तविक रकबे से अधिक भूमि को अपनी बताकर राजकुमारी पाण्डेय एवं पूजा कछवाहा को बेच दिया। उनका दावा है कि राजकुमारी पाण्डेय को पहले से जानकारी थी कि संबंधित भूमि विक्रेता की नहीं बल्कि उनकी है, इसके बावजूद जमीन खरीदी गई।
1990 की रजिस्ट्री को बनाया आधार
विष्णु यादव ने आवेदन में उल्लेख किया है कि राजकुमारी पाण्डेय के पुराने मकान की करीब 1990 की रजिस्ट्री में उत्तर दिशा में झारिका धुरी की भूमि दर्ज है। उन्होंने इसे अपने दावे के समर्थन में आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज बताया है।
छुट्टी के दिन बाउंड्रीवाल और शेड बनाने का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 17 अप्रैल 2026 को छुट्टी का फायदा उठाकर संबंधित भूमि पर आनन-फानन में बाउंड्रीवाल और शेड का निर्माण कराया गया। इसकी शिकायत नगर निगम के जोन क्रमांक-7 कार्यालय में भी की गई है।
रजिस्ट्री के बाद खुला पूरा मामला
विष्णु यादव का कहना है कि 17 अप्रैल 2026 से पहले जमीन खाली पड़ी थी। रजिस्ट्री के बाद जब मिट्टी पटवाने का काम शुरू हुआ, तब उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। राजस्व रिकॉर्ड देखने पर कथित हेराफेरी और जमीन विक्रय का खुलासा हुआ।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले संबंधित भूमि राजकुमारी पाण्डेय एवं शंकर लाल को बेचे जाने की जानकारी मिली, बाद में शंकर लाल की भूमि पूजा कछवाहा द्वारा खरीदने की जानकारी सामने आई।
‘मेरी 0.14 एकड़ जमीन कम हो गई’
भाजपा नेता विष्णु यादव का आरोप है कि कूटरचित रकबे और सड़क की भूमि का उपयोग करते हुए उनकी जमीन की चौहद्दी बनाकर विक्रय कर दिया गया, जिससे उनका वास्तविक रकबा करीब 0.14 एकड़ कम हो गया।
ये हैं प्रमुख मांगें
जिला प्रशासन को दिए आवेदन में भाजपा नेता विष्णु यादव ने मांग की है कि—
0.70 एकड़ को 0.77 एकड़ दर्शाने के कथित फर्जीवाड़े की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
सड़क के लिए छोड़ी गई भूमि बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
उनकी भूमि बताकर किए गए विक्रय की जांच कर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कराया जाए।
पूरे प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए।

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