बिलासपुर शहर में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शनिवार को गम, अकीदत और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। दोपहर से देर शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों से ताजियों और सवारी का जुलूस निकला तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका विसर्जन किया गया। इस दौरान विभिन्न मुस्लिम कमेटियों की ओर से जगह-जगह लंगर का आयोजन किया गया, वहीं घरों में फातिहा पढ़कर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया गया। धार्मिक आयोजनों के बीच तकरीर, दरूदखानी और आम लंगर के कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और सामाजिक सौहार्द से भर दिया।
मोहर्रम की दसवीं तारीख पर बिलासपुर शहर में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों से ताजियों और सवारी का जुलूस निकाला गया। तारबहार, मसनगंज, खपरगंज, जूनी लाइन, डबरीपारा, सिम्स चौक, सरकंडा समेत शहर के कई क्षेत्रों में मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरे अनुशासन और परंपरा के साथ ताजियों का विसर्जन किया।
जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। युवाओं ने पारंपरिक सवारी और अखाड़ों के करतब प्रस्तुत किए, जबकि बुजुर्गों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए दुआएं कीं। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस की टीम भी विभिन्न मार्गों पर तैनात रही ताकि पूरे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
जगह-जगह लगाया गया लंगर
मोहर्रम के अवसर पर शहर की विभिन्न मुस्लिम कमेटियों द्वारा श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए लंगर का आयोजन किया गया। तारबहार, मसनगंज, खपरगंज, जूनी लाइन, डबरीपारा, सिम्स चौक, सरकंडा सहित अनेक स्थानों पर लोगों को भोजन, शरबत और अन्य प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर ग्रहण कर आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।
घर-घर पढ़ी गई फातिहा
मोहर्रम की दसवीं तारीख पर मुस्लिम परिवारों ने अपने घरों में फातिहा पढ़ी। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के सभी शहीदों की याद में दुआएं की गईं तथा उनकी कुर्बानी को याद करते हुए लोगों ने अमन, इंसानियत और भाईचारे की कामना की।
एक सप्ताह तक चला तकरीर का सिलसिला
मोहर्रम के अवसर पर हुसैनी कमेटी द्वारा एक सप्ताह तक धार्मिक तकरीर का आयोजन किया गया। तकरीरों में कर्बला की घटना, हजरत इमाम हुसैन की शहादत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान तथा इस्लामी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इन धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
महिला मुस्लिम जमात ने आयोजित की दरूदखानी
राजेंद्र नगर स्थित महिला मुस्लिम जमात की ओर से मोहर्रम के अवसर पर दरूदखानी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने सामूहिक रूप से दरूद शरीफ और दुआएं पढ़ीं तथा कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
27 जून की शाम होगा आम लंगर
मोहर्रम के धार्मिक आयोजनों की कड़ी में 27 जून की शाम शान-ए-मिल्लत कमेटी राजेंद्र नगर द्वारा पुत्री शाला स्कूल परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आम लंगर का आयोजन किया जाएगा। कमेटी ने सभी समाज के लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर लंगर ग्रहण करने और आपसी भाईचारे के संदेश को मजबूत करने की अपील की है।
दोपहर से शुरू हुआ ताजियों एवं सवारी का विसर्जन।
तारबहार, मसनगंज, खपरगंज, जूनी लाइन, डबरीपारा, सिम्स चौक और सरकंडा सहित कई इलाकों में धार्मिक आयोजन।
विभिन्न मुस्लिम कमेटियों ने लगाया लंगर।
घरों में फातिहा पढ़कर कर्बला के शहीदों को किया गया याद।
सप्ताहभर तकरीर का आयोजन।
महिला मुस्लिम जमात राजेंद्र नगर की ओर से दरूदखानी।
27 जून की शाम शान-ए-मिल्लत कमेटी द्वारा आम लंगर का आयोजन।

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