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फीस से लेकर फंड तक सवाल—नारायणा ई-टेक्नो स्कूल पर NSUI का बड़ा हमला, उच्चस्तरीय जांच की मांग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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ज्ञापन के साथ सबूत सौंपे; संचालन में अपारदर्शिता, वित्तीय गड़बड़ी और नियम उल्लंघन के आरोप, कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर, 23 अप्रैल 2026। नेहरू नगर स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने स्कूल और उसकी विभिन्न शाखाओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और संचालक को विस्तृत दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सोहराब खान, गौरव सिंह परिहार और शान सिंह ठाकुर शामिल रहे। अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में संगठन की ओर से विद्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी और विधिक प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों को प्रमुखता से उठाया गया।
ज्ञापन में क्या-क्या आरोप
NSUI ने अपने ज्ञापन में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कई बिंदुओं पर सवाल उठाए—
1. प्रशासनिक अपारदर्शिता
संगठन का दावा है कि स्कूल का संचालन लीज पर लिए गए भवनों में किया जा रहा है, जिससे संस्था के स्थायित्व पर प्रश्न खड़े होते हैं। स्थानीय स्तर पर कोई जिम्मेदार पदाधिकारी या गारंटर स्पष्ट नहीं है।
2. नियमों के उल्लंघन का आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन छत्तीसगढ़ के शिक्षा नियमों और मध्यप्रदेश सोसायटी पंजीयन अधिनियम, 1973 के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहा है।
3. वित्तीय गड़बड़ी के संकेत
स्कूल का स्वतंत्र स्थानीय बैंक खाता नहीं होने का आरोप
अभिभावकों से ली गई फीस सीधे “केंद्रीय खातों” में ट्रांसफर होने का दावा
पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल
4. नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल
NSUI का आरोप है कि राज्य और स्थानीय कार्यकारिणी समितियों में स्वतंत्र सदस्यों के बजाय वेतनभोगी कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिससे निष्पक्ष निगरानी प्रभावित होती है।
जांच की मांग और कार्रवाई की बात
संगठन ने मांग की है कि—
कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन (KYC) की जांच हो
PF और ESIC अनुपालन की पड़ताल की जाए
दोषी पाए जाने पर प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई हो
ज्ञापन के दौरान अधिकारियों द्वारा पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था सुधारने और कार्रवाई की बात भी कही गई।
NSUI की चेतावनी
प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने कहा कि यदि मामले में त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो छात्र हितों की रक्षा के लिए संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ग्राउंड पर पहले भी दिखा विरोध का तेवर


इस पूरे विवाद के बीच NSUI पहले ही सड़क पर उतरकर विरोध जता चुका है।
▶ नोटों का बैग रखकर प्रदर्शन
हाल ही में कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर “नोटों के बंडल से भरा बैग” रखकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था। इसमें फीस और कथित वसूली के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
▶ थाने में शिकायत
संगठन द्वारा सिविल लाइन थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें स्कूल प्रबंधन पर अभिभावकों से मोटी रकम लेने और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया गया।
▶ कोर्ट जाने की तैयारी
NSUI ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी और मामला उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।
मामले के प्रमुख मुद्दे एक नजर में
CBSE पैटर्न के नाम पर फीस वसूली के आरोप
स्थानीय बैंक खाते की अनुपस्थिति पर सवाल
यूनिफॉर्म और किताबों की अनिवार्य खरीद
नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता की कमी
नियमों के उल्लंघन और वित्तीय लेनदेन पर संदेह
प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी हलचल
ज्ञापन और लगातार हो रहे विरोध के बाद शिक्षा विभाग स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। संगठन का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।

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