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23 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में बड़ा मोड़: सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी की उम्रकैद पर लगाई रोक

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर। करीब 23 साल पुराने चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे दे दिया है।
क्या है पूरा मामला
साल 2003 में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की हत्या हुई थी।
इस मामले में जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी पर साजिश का आरोप लगाया था।
2004 में जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसने अमित जोगी को मास्टरमाइंड बताया और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
निचली अदालत से हाईकोर्ट तक
2007: विशेष CBI कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद दी, लेकिन अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
इसके बाद मामले को चुनौती दी गई और सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार के लिए हाईकोर्ट भेजा।
2 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया और 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ
अमित जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
उन्होंने दलील दी कि उन्हें सुने बिना ही हाईकोर्ट ने महज 40 मिनट में फैसला सुना दिया, जो न्यायसंगत नहीं है।
23 अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से फिलहाल अमित जोगी को राहत मिल गई है।
मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की विस्तृत सुनवाई के बाद ही आएगा।

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