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छत्तीसगढ़ में केलों के ट्रक में छुपा ‘ड्रग्स का काला खेल’…. 9 क्विंटल गांजा जब्त, 4.66 करोड़ की संपत्ति सीज; फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस को चकमा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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ओडिशा से यूपी सप्लाई की साजिश नाकाम, झारखंड का तस्कर गिरफ्तार; एक हफ्ते में 20 क्विंटल गांजा नष्ट—महासमुंद-बिलासपुर में ताबड़तोड़ एक्शन
महासमुंद/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर चल रहे अभियान में महासमुंद पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए केला परिवहन की आड़ में तस्करी कर रहे 912.760 किलोग्राम गांजा को जब्त किया है। अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े इस मामले में झारखंड निवासी तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि परिवहन में इस्तेमाल वाहन, मोबाइल और फर्जी नंबर प्लेट सहित कुल 4 करोड़ 66 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस की लगातार चेकिंग और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की सक्रियता से यह कार्रवाई संभव हो सकी, जिससे ओडिशा से उत्तरप्रदेश तक सप्लाई की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है।
केलों के बीच 29 बोरियों में छिपा था गांजा
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आईशर प्रो 2059 वाहन (AP 39 TT 4556) ओडिशा की ओर से पलसापाली बैरियर की तरफ आ रहा है। सूचना पर नाकाबंदी कर वाहन को रोका गया।
सघन तलाशी में ट्रक में लदे केले के बीच 29 बोरियों में छुपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। कुल वजन 912.760 किलोग्राम (करीब 9 क्विंटल 12 किलो) पाया गया, जिसकी बाजार कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपए आंकी गई।
फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
जांच में सामने आया कि तस्कर वाहन में फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहे थे। मौके से OD 02 DJ 8517 और UP 93 CT 8365 नंबर की 4 प्लेट जब्त की गईं, जिससे साफ हुआ कि नेटवर्क पुलिस को भ्रमित करने के लिए लगातार नंबर बदल रहा था।
अंतरराज्यीय कनेक्शन: ओडिशा से यूपी तक सप्लाई रूट
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गांजा ओडिशा से लाकर उत्तरप्रदेश में सप्लाई किया जाना था। यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है, जिसमें झारखंड कनेक्शन भी सामने आया है।
गिरफ्तार आरोपी— अब्दुल नईम (42 वर्ष)
निवासी: केजीएन कॉलोनी, जाकिर नगर, थाना आजाद नगर, जिला पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), झारखंड।
एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत कार्रवाई करते हुए BNS की धाराएं 336(2), 338, 340 के तहत भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया जारी है। मामला थाना बसना में दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
जब्त संपत्ति का पूरा हिसाब
912.760 किलोग्राम गांजा – ₹4,56,38,000
आईशर प्रो 2059 वाहन – ₹10,00,000
2 मोबाइल – ₹7,000
4 फर्जी नंबर प्लेट
कुल जब्ती: ₹4,66,45,000
3 महीने में 56 क्विंटल से ज्यादा गांजा जब्त, 187 गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस के अनुसार पिछले तीन महीनों में 72 मामलों में 5629.602 किलोग्राम (56 क्विंटल से अधिक) गांजा जब्त किया गया है। इस दौरान 187 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 52 छत्तीसगढ़ और 135 अन्य राज्यों के हैं।
एक हफ्ते में 10 करोड़ का गांजा नष्ट
महासमुंद पुलिस ने 17 अप्रैल को बड़ी नष्टीकरण कार्रवाई करते हुए 999.200 किलोग्राम गांजा (कीमत ₹5.04 करोड़) को बालाजी प्लांट बेलसोंडा में नष्ट किया।
यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी शामिल रहे।
इससे पहले 11 अप्रैल को भी 996.660 किलोग्राम गांजा नष्ट किया गया था।
एक सप्ताह में कुल मिलाकर करीब 20 क्विंटल (₹10 करोड़) गांजा नष्ट किया जा चुका है।
नष्ट किए गए गांजे को 10-10 ग्राम की पुड़िया में बदलें तो यह करीब 1 लाख डोज के बराबर बताया गया, जिससे इतने लोगों तक नशा पहुंचने से रोका गया।
थाना-वार प्रकरण: कई जिलों का नेटवर्क
नष्टीकरण में शामिल 18 मामलों में—
कोमाखान: 7
बसना: 7
सांकरा: 1
सिंघोड़ा: 2
पिथौरा: 1
इनमें 2 मामले वर्ष 2025 और 16 मामले 2026 के दर्ज हैं।


बिलासपुर में भी बड़ा एक्शन: 245 किलो गांजा जब्त
उधर बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने 245 किलोग्राम गांजा (कीमत ₹1.22 करोड़) जब्त किया है।
मारुति अर्टिगा कार (CG 04 QD 7255) से गांजा बरामद हुआ, जिसे कटघोरा से बिलासपुर लाया जा रहा था।
दो आरोपी गिरफ्तार
अमित कुमार केवट (33), निवासी शहडोल (म.प्र.)
नीरज शुक्ला (30), निवासी अनुपपुर (म.प्र.)
मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर दूसरे आरोपी की संलिप्तता सामने आई।
टीम ऑपरेशन: हाईवे पर नाकाबंदी, फिर दबिश
रतनपुर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नेशनल हाईवे नवापारा चौक भेड़ीमुंडा के पास नाकाबंदी कर कार्रवाई की।
इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी अंशिका जैन (प्रशिक्षु आईपीएस), निरीक्षक अनिल अग्रवाल, ACCU प्रभारी गोपाल सतपथी सहित पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही।
जांच जारी, नेटवर्क की परतें खुल रहीं
दोनों जिलों में हुई इन कार्रवाइयों के बाद अब जांच एजेंसियां सप्लाई चेन, फाइनेंशियल लिंक और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। लगातार कार्रवाई से अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट की परतें खुल रही हैं।

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