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16 साल के बेटे से 60-70 लाख के जेवर निकलवाने का आरोप, दोस्तों पर ब्लैकमेलिंग, पुलिस पर समझौते का दबाव; बिलासपुर में सनसनीखेज मोड़

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
5 Min Read

0- प्रार्थी बोला– धमकी देकर बेटे से करवाई चोरी, गहने बेचकर रकम रख ली; मां के खाते से भी 2.39 लाख निकलवाए
0- सकरी थाना पर गंभीर आरोप: शिकायत के बावजूद FIR नहीं, समझौते के लिए दबाव; पुलिस ने कहा– प्रार्थी सहयोग नहीं कर रहा
0- प्रेस क्लब में परिवार की प्रेस वार्ता, दोनों पक्ष आमने-सामने; मामला बना रहस्य


बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र के आसमा सिटी होम्स में नाबालिग से जुड़े कथित चोरी और ब्लैकमेलिंग के मामले ने नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। नाबालिग से जुड़े इस पूरे प्रकरण में अब प्रार्थी सतीश मिश्रा और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर परिजन दोस्तों पर दबाव बनाकर जेवर और नकदी निकलवाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि प्रार्थी जांच में सहयोग नहीं कर रहा और बयान बदल रहा है।


दोस्तों पर आरोप: धमकी देकर बनवाया करोड़ों का खेल
प्रार्थी सतीश मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनके नाबालिग पुत्र प्रणव मिश्रा (16) को उसके ही स्कूल के दोस्तों — उज्जवल राणा, मयंक जोशी और तनय — द्वारा पिछले 5-6 महीनों से धमकाया जा रहा था।
आरोप के मुताबिक —
आरोपियों ने कहा कि “हमारा 30 हजार रुपए लग रहा है, जिसका ब्याज 3 लाख हो गया है”
रकम नहीं लौटाने पर पिता-पुत्र को जान से मारने की धमकी दी गई
घर से सोने के जेवर चोरी कर लाने के लिए दबाव बनाया गया
बदले में नकली जेवर देकर वापस रखने की बात कही गई
इसी दबाव में आकर नाबालिग से करीब 60-70 लाख रुपए के सोने के जेवर घर से निकलवाए गए, जिन्हें बाद में सराफा कारोबारी को बेचने का आरोप है।
मां के खाते से भी निकलवाए 2.39 लाख रुपए
आवेदन में यह भी कहा गया है कि घटना के कुछ महीनों बाद आरोपियों ने दोबारा दबाव बनाते हुए नाबालिग से उसकी मां के खाते के एटीएम के जरिए अलग-अलग समय में 2,39,000 रुपए निकलवाए, जिसे उज्जवल राणा और मयंक जोशी द्वारा रख लिया गया।
थाना सकरी पर गंभीर आरोप: FIR के बजाय समझौते का दबाव
प्रार्थी ने दावा किया है कि उसने 24 फरवरी 2026 को थाना सकरी में लिखित शिकायत दी थी, जिसमें आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की गई थी।
आरोप है कि —
थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने अपराध दर्ज करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया
जांच के नाम पर करीब 5 लाख रुपए के जेवर वापस दिलाए गए
शेष करीब 60 लाख रुपए के जेवर के लिए समझौता बैठक कराई गई
2.39 लाख रुपए के मामले में भी 1.80 लाख में समझौता करने का दबाव बनाया गया
बाद में केवल 40 हजार रुपए देने की बात सामने आई
प्रार्थी का यह भी कहना है कि उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए और बाद में कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिसकर्मियों पर रकम बांटने तक के आरोप
आवेदन में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि जब्त किए गए जेवरों में से अधिकांश रकम थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा आपस में बांट ली गई और प्रार्थी को केवल सीमित हिस्सा ही लौटाया गया।
साथ ही प्रार्थी ने यह आशंका भी जताई है कि आरोपियों के माता-पिता की भी इस पूरे प्रकरण में भूमिका हो सकती है।

विजय चौधरी, थाना प्रभारी सकरी।


पुलिस का पक्ष: प्रार्थी बदल रहा बयान, सहयोग नहीं
वहीं पुलिस का कहना है कि —
नाबालिग द्वारा घर से नगदी और जेवर निकालने के साथ-साथ मां के खाते से एटीएम के जरिए पैसे निकाले गए
प्रार्थी लगातार अपने बयान बदल रहा है
जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा
लिखित में कार्रवाई नहीं चाहने की बात भी सामने आई है
प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता, मामला गरमाया
इस पूरे विवाद को लेकर बिलासपुर प्रेस क्लब में परिजनों ने प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
रहस्य गहराया: कई सवालों के जवाब बाकी
सकरी क्षेत्र का यह मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है—
क्या नाबालिग पर वास्तव में दबाव बनाकर यह सब कराया गया?
क्या गहनों की बिक्री और रकम के लेन-देन में और लोग शामिल हैं?
पुलिस और प्रार्थी के दावों में इतना अंतर क्यों है?
पूरे घटनाक्रम पर शहरभर की नजरें टिकी हैं और जांच के आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है।

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