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बर्ड फ्लू अलर्ट के बीच ‘जीरो ह्यूमन इंफेक्शन’, सिम्स–एम्स की रिपोर्ट ने दी बड़ी राहत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद उपजी आशंकाओं के बीच अब एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र से जुड़े जेडी, डॉक्टर समेत 24 कर्मचारियों के स्वाब सैंपलों की जांच में सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। यह रिपोर्ट सिम्स बिलासपुर और एम्स रायपुर दोनों की जांच में एक समान आई है, जिससे यह साफ हो गया है कि अब तक मानव संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है
अलर्ट से एक्शन तक… त्वरित प्रतिक्रिया ने रोका खतरा
बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया।
प्रभावित प्रक्षेत्र को तत्काल सील किया गया
कर्मचारियों की स्क्रीनिंग और सैंपलिंग शुरू हुई
1 किमी क्षेत्र में किलिंग ऑपरेशन
10 किमी दायरे में कंटेनमेंट और बिक्री पर प्रतिबंध
तेजी से लिए गए इन फैसलों ने संभावित संक्रमण को फैलने से पहले ही रोक दिया।


सिम्स की बड़ी उपलब्धि: पहली बार वायरोलॉजी लैब में बर्ड फ्लू जांच
इस पूरे मामले में सबसे अहम उपलब्धि रही सिम्स बिलासपुर की वायरोलॉजी लैब, जहां पहली बार बर्ड फ्लू की जांच की गई।
10 संदिग्ध सैंपल सिम्स में RT-PCR से जांचे गए
14 सैंपल एम्स रायपुर भेजे गए
दोनों रिपोर्ट में 100% नेगेटिव रिजल्ट
यह राज्य के स्वास्थ्य ढांचे के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जहां अब स्थानीय स्तर पर ही हाई-रिस्क वायरस की सटीक जांच संभव हो सकी।
कंटेनमेंट ऑपरेशन: 22 हजार से ज्यादा पक्षियों का नष्टिकरण
संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर सख्त कदम उठाए:
22,808 मुर्गियां नष्ट
25,896 अंडे और 79 क्विंटल दाना नष्ट
वेटनरी कॉलेज की 1900 मुर्गियां खत्म
आसपास के घरों से भी मुर्गियां हटाई गईं
इसके साथ ही पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज कर संक्रमण की चेन को तोड़ा गया।
5 जिलों में अलर्ट: सप्लाई चेन की भी जांच
कोनी प्रक्षेत्र से 14 मार्च को सप्लाई किए गए चूजों को लेकर भी जांच जारी है:
मुंगेली, जीपीएम, कोरबा, सक्ती, जांजगीर-चांपा में अलर्ट
6 यूनिट चूजों की सप्लाई की पुष्टि
नगोई, अकलतरी, खैरा से सैंपल पुणे भेजे गए
यह कदम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए है कि संक्रमण अन्य जिलों में न फैले।
प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही: 23 शिकायतें दर्ज
प्रशासन द्वारा 10 किमी क्षेत्र में चिकन और अंडे की बिक्री पर रोक के बावजूद:
23 शिकायतें अवैध बिक्री की मिलीं
कई दुकानों और होटलों पर कार्रवाई
यह पहलू बताता है कि जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं।
बर्ड फ्लू: कितना खतरनाक, क्या बरतें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार:
बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) मुख्यतः पक्षियों में फैलता है
इंसानों में संक्रमण बहुत कम लेकिन गंभीर हो सकता है
संक्रमित पक्षियों के संपर्क से खतरा
✔ अच्छी तरह पका मांस और अंडे सुरक्षित
✔ संक्रमित क्षेत्रों से दूरी रखें
✔ हाथों की सफाई और बायो-सिक्योरिटी जजरूर सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति का बयान
“सभी सैंपल नेगेटिव, सिम्स की जांच प्रणाली पूरी तरह सटीक साबित”
सिम्स बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा:


“यह पहली बार था जब सिम्स की वायरोलॉजी लैब में बर्ड फ्लू की जांच की गई। हमने अत्याधुनिक RT-PCR तकनीक से सभी संदिग्ध सैंपलों की जांच की और सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। एम्स रायपुर की रिपोर्ट भी समान है, जिससे हमारी जांच की सटीकता प्रमाणित होती है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।”
बिलासपुर बना ‘हेल्थ रिस्पॉन्स मॉडल’
बिलासपुर का यह मामला अब देश के लिए एक पॉजिटिव हेल्थ केस स्टडी बनकर उभरा है।
जहां एक ओर बर्ड फ्लू की पुष्टि ने खतरे की घंटी बजाई, वहीं दूसरी ओर:
तेज प्रशासनिक एक्शन
सटीक वैज्ञानिक जांच
पारदर्शी रिपोर्टिंग
ने यह साबित कर दिया कि सही रणनीति से बड़े संक्रमण को भी शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है।‘जीरो ह्यूमन इंफेक्शन’ के साथ बिलासपुर ने देश को एक मजबूत संदेश दिया है—सतर्कता, विज्ञान और समन्वय ही सबसे बड़ा बचाव है।

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