00 राज्य शासन का दावा
रायपुर, 1 अप्रैल 2026। पश्चिम एशिया संकट के असर से मार्च के शुरुआती दिनों में एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य उछाल अब धीरे-धीरे थमती नजर आ रही है। राज्य में जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन औसतन 74 हजार एलपीजी बुकिंग दर्ज होती थी, वहीं 6 मार्च के बाद यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गया था।
राज्य शासन और ऑयल कंपनियों की लगातार मॉनिटरिंग तथा आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों के चलते बीते दो सप्ताह में दैनिक एलपीजी बुकिंग में लगातार कमी दर्ज की गई है, जिससे हालात में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य स्तर पर खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्रतिदिन एलपीजी बुकिंग, जिलों को प्रदाय किए गए रिफिल सिलेंडर, वितरण की स्थिति, लंबित बुकिंग और उपलब्ध स्टॉक की समीक्षा कर रही है।
लंबित बुकिंग को तेजी से समाप्त करने के लिए जिलों को मांग के अनुरूप अतिरिक्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए संदिग्ध स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। अब तक 97 स्थानों पर छापेमारी कर 3,847 सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इन सघन प्रयासों का असर यह रहा कि 16 मार्च की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग की संख्या में 1.08 लाख की कमी दर्ज की गई है। इससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होती जा रही है।
प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के गैस सिलेंडर मिल सके, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कमर्शियल गैस आपूर्ति को भी मजबूत करते हुए इसे 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक कर दिया गया है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही आवश्यक और महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।
इसके अलावा, राज्य में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सभी जिलों के 2465 पेट्रोल-डीजल पंपों पर समुचित स्टॉक सुनिश्चित किया गया है और ऑयल डिपो से नियमित आपूर्ति जारी है।

