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अवैध अफीम खेती पर सरकार सख्त: सीएम विष्णुदेव साय का आदेश, 15 दिन में सर्वे कर कलेक्टर देंगे प्रमाणित रिपोर्ट

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी हिस्से में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि 15 दिवस के भीतर प्रमाण पत्र सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है। इसमें संभावित क्षेत्रों का सर्वे कर जांच रिपोर्ट के साथ यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है कि संबंधित जिले में अफीम की अवैध खेती नहीं की जा रही है।
हाल के मामलों के बाद बढ़ी सख्ती
प्रदेश में हाल ही में सामने आए कुछ मामलों के बाद शासन ने निगरानी और सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है।
1. दुर्ग जिले में खेत में मिली अफीम की फसल
दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान खेत में अवैध रूप से लगाए गए अफीम के पौधे पाए गए थे। जानकारी मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर फसल को नष्ट किया और मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
2. बलरामपुर जिले में अवैध खेती का खुलासा
बलरामपुर जिले के ग्रामीण इलाके में भी खेतों में अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अफीम के पौधों को नष्ट कराया और मामले की जांच शुरू की गई।
3. दूसरे क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश
इन मामलों के सामने आने के बाद शासन स्तर पर पूरे प्रदेश में संभावित क्षेत्रों की पहचान कर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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