
बिलासपुर। कोटा स्थित Dr. C. V. Raman University से बी-फार्मा के एक छात्र की रहस्यमय गुमशुदगी ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेमेस्टर-3 का छात्र रोहित कुमार पिछले छह दिनों से लापता है और अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। छात्र के परिजन गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।


परिजनों ने दावा किया कि छात्रावास में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, परिसर के कई हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं और बाउंड्री वॉल की स्थिति भी जर्जर बताई जा रही है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बेटे की तलाश में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर उनके साथ मारपीट किए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
बी-फार्मा सेमेस्टर-3 का छात्र, हॉस्टल में रहकर कर रहा था पढ़ाई
गया (बिहार) के महाबीर नगर डेल्हा निवासी अमरेन्द्र कुमार ने पुलिस महानिरीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनका पुत्र रोहित कुमार कोटा (बिलासपुर) स्थित Dr. C. V. Raman University में बी-फार्मा सेमेस्टर-3 की पढ़ाई कर रहा था और विश्वविद्यालय के छात्रावास में रह रहा था।
परिजनों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें जानकारी दी गई कि रोहित कुमार 06 मार्च 2026 से विश्वविद्यालय परिसर से लापता है। परिवार ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन 12 मार्च 2026 तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इस संबंध में परिजनों ने 07 मार्च 2026 को थाना कोटा, जिला बिलासपुर में लिखित सूचना रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। परिवार का कहना है कि इसके बावजूद छात्र का पता नहीं चल पाया है।
हॉस्टल के साथियों से विवाद, कुछ छात्रों पर जताई आशंका
परिजनों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि रोहित कुमार छात्रावास में कुछ सहपाठियों के साथ रहता था और उनके साथ कई बार वाद-विवाद की स्थिति भी बनती रहती थी।
आवेदन में जिन छात्रों का उल्लेख किया गया है उनमें हितेश पाण्डेय, सोहेल अली, पंकज कुमार, रश्मि बर्मा, ज्योति गुप्ता और अफाहिम लहरी के नाम बताए गए हैं।
परिवार का कहना है कि इन छात्रों के साथ अक्सर विवाद की स्थिति बनने के कारण उन्हें संदेह है कि इस पूरे घटनाक्रम में इनकी भूमिका संदिग्ध हो सकती है। परिजनों के मुताबिक संबंधित व्हाट्सएप चैटिंग और कॉल डिटेल्स पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
मां को भेजा संदेश: हॉस्टल में रहना जान के लिए खतरा
मामले में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परिजनों के अनुसार रोहित कुमार ने लापता होने से पहले अपने मोबाइल फोन से अपनी मां को एक संदेश भेजा था।
परिवार का कहना है कि उस संदेश में छात्र ने हॉस्टल में रहने को अपनी जान के लिए खतरा बताया था। इस जानकारी के सामने आने के बाद छात्रावास के माहौल और वहां की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
परिजनों का आरोप: कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर
मीडिया से चर्चा करते हुए परिजनों ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए। उनका कहना है कि जिस छात्रावास में सैकड़ों छात्र रहते हैं, वहां निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।


परिजनों के अनुसार—
परिसर के कई प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे
विश्वविद्यालय की बाउंड्री वॉल जर्जर अवस्था में है
छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर बताई जा रही है
परिवार का आरोप है कि यदि परिसर में पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था होती तो छात्र के अचानक गायब होने की घटना को रोका जा सकता था या उसकी जानकारी जल्दी सामने आ सकती थी।
बेटे की तलाश में पहुंचे परिजनों के साथ मारपीट की शिकायत
परिजनों का कहना है कि जब वे अपने बेटे की तलाश और जानकारी लेने के लिए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे तो वहां उनके साथ मारपीट किए जाने की शिकायत भी सामने आई। परिवार ने इस संबंध में भी अधिकारियों को अवगत कराया है।
इस घटना को लेकर परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए हैं और मामले में कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में ऑनलाइन गेमिंग का एंगल भी सामने आया
इधर बिलासपुर पुलिस का कहना है कि लापता छात्र की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिसके चलते प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग में सक्रिय था और उसके खाते से करीब 7 लाख रुपये के लेन-देन की जानकारी मिली है। पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखकर पड़ताल कर रही है।
छात्र सुरक्षा पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
बिलासपुर और आसपास के शैक्षणिक परिसरों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर पहले भी घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र Arslan Ansari की मौत का मामला भी चर्चा में रहा था, जिसने विश्वविद्यालय परिसरों में सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
अब Dr. C. V. Raman University से छात्र के अचानक लापता होने की घटना ने एक बार फिर परिसर सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।

