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ईरान-इजरायल तनाव के साये में गैस और पेट्रोलियम सप्लाई पर छत्तीसगढ़ हाई अलर्ट

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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मंत्रालय में ऑयल कंपनियों के साथ आपात समीक्षा, जिलों में प्रशासन सतर्क — बिलासपुर में कलेक्टर की बड़ी बैठक, जगदलपुर में अवैध गैस भंडारण का भंडाफोड़
रायपुर/बिलासपुर/जगदलपुर, 11 मार्च 2026।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पैदा हुई आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार ने चौकसी बढ़ा दी है। राज्य स्तर पर मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई, वहीं जिलों में प्रशासन को वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।


राजधानी रायपुर में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव ने ऑयल कंपनियों के साथ बैठक कर राज्य में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक और सप्लाई की स्थिति का जायजा लिया। इसी कड़ी में बिलासपुर में कलेक्टर ने गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की और पैनिक में आकर सिलेंडर जमा करने से बचने की अपील की। वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में जिला प्रशासन ने अवैध गैस रिफिलिंग और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए हैं।
राज्य स्तर पर हाई-लेवल समीक्षा
एलपीजी, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता पर मंत्रालय में बैठक, ऑयल कंपनियों को दिए गए कड़े निर्देश
राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सभी प्रमुख ऑयल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राज्य में घरेलू एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता तथा वितरण प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में संचालित सभी पांच एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त गैस स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
सचिव रीना कंगाले ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी स्तर पर उपभोक्ताओं को असुविधा न हो।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सीमित की गई है और इन्हें केवल अत्यावश्यक संस्थाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान प्रमुख हैं।
परीक्षाओं के कारण स्कूल-कॉलेज और छात्रावास को प्राथमिकता
बैठक में सचिव ने कहा कि इस समय राज्य में विद्यार्थियों की परीक्षाएँ चल रही हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए
साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया कि परिस्थितियों को देखते हुए लगभग 15 प्रतिशत कमर्शियल गैस सप्लाई होटल और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी देने पर विचार किया जा सकता है, ताकि सेवा क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित न हो।
अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में जिलों में गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग की घटनाओं पर चिंता जताई गई। सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता को रोका जा सके।
डीजल-पेट्रोल डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक
बैठक में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तीनों प्रमुख डीजल-पेट्रोल डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है।
सचिव रीना कंगाले ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और इन पेट्रोलियम उत्पादों की नियमित आपूर्ति जारी है।
शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर
आपूर्ति या वितरण से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए विभाग ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया है, जिस पर उपभोक्ता संपर्क कर सकते हैं।


बिलासपुर में कलेक्टर की समीक्षा बैठक
4.80 लाख गैस कनेक्शन वाले जिले में रोजाना 5 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच बिलासपुर जिला प्रशासन ने भी एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग के अधिकारियों और गैस वितरकों की बैठक लेकर जिले में गैस की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और आम उपभोक्ताओं को पैनिक में आकर गैस सिलेंडर का अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले में लगभग 4 लाख 80 हजार घरेलू गैस कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं को तीन ऑयल कंपनियों के 38 गैस वितरकों के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते हैं।
इनमें से 22 गैस वितरक केवल बिलासपुर शहर में संचालित हैं।
वर्तमान में जिले में प्रतिदिन लगभग 5 हजार गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है और पिछले दस दिनों से इसी दर से गैस की आपूर्ति जारी है।
बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन
बैठक में यह भी बताया गया कि गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है
कमर्शियल गैस सप्लाई फिलहाल बंद
वर्तमान स्थिति को देखते हुए होटल और उद्योगों में व्यवसायिक उपयोग के लिए दी जाने वाली गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। हालांकि अस्पतालों और स्कूलों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जा रही है
गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश
कलेक्टर ने गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग न होने दें और वितरण व्यवस्था की निगरानी स्वयं करें।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को सिलेंडर देना या ब्लैक मार्केटिंग जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहें
बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, एएफओ राजीव लोचन तिवारी, कंपनी के नोडल अधिकारी हेम प्रकाश साहू, गैस वितरक संघ के जिला अध्यक्ष सुभाष जायसवाल सहित जिले के सभी गैस वितरक मौजूद थे।
गैस वितरकों ने शहर में लागू नो-एंट्री प्रतिबंध में राहत देने की मांग भी रखी, जिस पर कलेक्टर ने सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया।


जगदलपुर में गैस कालाबाजारी का खुलासा
घर में छापा, 24 घरेलू और 10 कमर्शियल सिलेंडर जब्त — रिफिलिंग पाइप भी बरामद
बस्तर जिले के जगदलपुर में जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में छापा मारकर अवैध गैस भंडारण और रिफिलिंग के मामले का खुलासा किया।
खाद्य नियंत्रक घनश्याम राठौर ने बताया कि विभाग को राउतपारा क्षेत्र में बालाजी केयर हॉस्पिटल के पास स्थित एक घर में गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने प्रशांत महाजन नामक व्यक्ति के घर पर आकस्मिक दबिश दी।
निरीक्षण के दौरान घर के भीतर बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
छापेमारी में टीम ने मौके से
24 घरेलू गैस सिलेंडर
10 कमर्शियल गैस सिलेंडर
जब्त किए।
इसके अलावा गैस की चोरी और अवैध रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तीन रिफिलिंग पाइप भी बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई में खाद्य निरीक्षक शेख अब्दुल कादिर, उमेश चौधरी, हेमंत ब्रह्मभट्ट और पायल वर्मा सहित विभाग की टीम शामिल रही।
जब्त किए गए सिलेंडरों और उपकरणों को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अवैध गैस भंडारण और रिफिलिंग के खिलाफ जांच और कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा

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