
बिलासपुर। शहर के लिंगियाडीह क्षेत्र में अपने आशियानों को बचाने की लड़ाई अब 104वें दिन में पहुंच गई है। दशकों से बसे सैकड़ों परिवार पिछले चार महीने से अधिक समय से शांतिपूर्ण महा आंदोलन कर रहे हैं। धरना स्थल पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लगातार डटे हुए हैं। होली के दिन भी आंदोलन की आवाज थमी नहीं। लोगों ने नगाड़ा बजाकर सरकार और प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की और धरना स्थल पर ही एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली मनाई।
लिंगियाडीह के नागरिकों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं। उनके पास बिजली कनेक्शन, पानी की सुविधा, राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा गार्डन और परिसर निर्माण के नाम पर मकानों को हटाने की तैयारी किए जाने से सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
आंदोलन में शामिल लोगों के अनुसार पिछले 104 दिनों से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लगातार धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इतने लंबे समय के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस संवाद नहीं हुआ है और न ही किसी तरह का लिखित आश्वासन दिया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
इस आंदोलन के दौरान वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल लगातार धरना स्थल पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल परिवारों की समस्याओं को उन्होंने निगम और प्रशासन तक पहुंचाने की बात कही है। पार्षद पाटिल ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर गरीबों की छत उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम को विकास कार्य करना है, तो पहले वर्षों से रह रहे परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास की नीति और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही आंदोलन कर रहे लोगों से संवाद कर समाधान निकालने की बात भी कही।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि लिंगियाडीह कांग्रेस-बहुल वार्ड होने के कारण यहां राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई की जा रही है। इस पर पार्षद दिलीप पाटिल ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कार्रवाई अगर हो तो समानता के आधार पर हो, राजनीति के आधार पर नहीं।
धरने में शामिल महिलाओं ने बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला पर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि अमीर वर्ग के साथ मिलीभगत कर गरीबों के आशियानों को हटाने की कोशिश की जा रही है।
धरना स्थल पर होली के दिन भी आंदोलन जारी रहा। नगाड़ा बजाकर और गुलाल लगाकर लोगों ने अपने विरोध को दर्ज कराया। आंदोलन में शामिल महिलाओं और गरीब परिवारों ने पार्षद दिलीप पाटिल के समर्थन और सहयोग की सराहना की।

