बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ ठंड से गर्मी तक जारी आंदोलन, पार्षद दिलीप पाटिल ने उठाए सवाल
बिलासपुर। “न्याय के मंदिर से गरीबों को इंसाफ मिलने की पूरी उम्मीद है।” लिंगयाडीह में प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के बीच कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल का यह बयान आंदोलनरत 113 परिवारों की उम्मीद का केंद्र बन गया है। नगर निगम प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण, व्यावसायिक परिसर और गार्डन निर्माण की योजना के तहत जिन 110 मकानों को हटाने की तैयारी है, उनके रहवासी पिछले 94 दिनों से टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं और अब हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर निगाह टिकाए हुए हैं।


धरना स्थल पर ठंड के मौसम में शुरू हुआ विरोध अब भीषण गर्मी तक पहुंच चुका है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें राहत नहीं मिलती। आंदोलनकारियों का आरोप है कि बिना ठोस पुनर्वास व्यवस्था और स्पष्ट आश्वासन के उन्हें उजाड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सड़क चौड़ीकरण के साथ व्यावसायिक परिसर और गार्डन की योजना
नगर निगम प्रशासन ने लिंगयाडीह क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के साथ व्यावसायिक परिसर और गार्डन निर्माण का निर्णय लिया है। प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार विकास योजना के दायरे में 113 मकान प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके घर, दुकानें और आजीविका इसी क्षेत्र से जुड़ी है।
रहवासियों ने बताया कि प्रस्तावित कार्रवाई की सूचना के बाद से ही क्षेत्र में असंतोष का माहौल है। बुलडोजर चलाने की तैयारी की खबर सामने आते ही स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से विरोध शुरू कर दिया।
94 दिन से टेंट में डटे रहवासी
लिंगयाडीह में धरना स्थल पर टेंट लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। दिन-रात की मौजूदगी के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और युवा आंदोलन में शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ठंड के बाद अब गर्मी की तपिश के बीच भी उनका हौसला कम नहीं हुआ है।
धरना स्थल पर नियमित रूप से बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन और न्यायालय तक पहुंचा रहे हैं।
सामान्य सभा की बैठक में हंगामा
हाल ही में नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक के दौरान भी लिंगयाडीह का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। बैठक में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षदों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की। बैठक के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण भी रही।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन
लिंगयाडीह के आंदोलन को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिग्गज नेताओं सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दे चुके हैं।
कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। उनका कहना है कि “न्याय के मंदिर से गरीब परिवारों को इंसाफ मिलने की पूरी उम्मीद है।”
हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन
इस पूरे प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। प्रभावित परिवारों ने न्यायालय से राहत की मांग की है। क्षेत्र के लोगों की नजर अब न्यायालय की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
आम लोगों में भी नाराजगी
निगम की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर शहर के अन्य हिस्सों में भी चर्चा और नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ मानवीय पहलुओं और पुनर्वास की व्यवस्था पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
लिंगयाडीह में एक ओर विकास योजना को लेकर प्रशासनिक तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर 113 परिवार अपने आशियाने बचाने की लड़ाई लड़ते हुए न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

