


00 वीडियो में देखें प्रदर्शन और कांग्रेस के नेताओं ने क्या कहा
बिलासपुर। “मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक अनवरत जारी रहेगी”—इसी ऐलान के साथ गुरुवार को बिलासपुर में कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जिला कांग्रेस कमेटी ने नेहरू चौक पर धरना-प्रदर्शन किया और हजारों की संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकजुट होकर कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। पूरे इलाके में नारेबाजी और बैनर-तख्तियों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 45 दिनों से चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के क्रम में जिले के सभी विकासखंडों में धरना-प्रदर्शन, जन चौपाल, उपवास और पदयात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर में आयोजित सभा में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों पर जमकर हमला बोला गया।
“नया कानून वापस लो, मनरेगा को मजबूत करो”
सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर मजदूरों के अधिकार समाप्त करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन मजदूरी में अपेक्षित वृद्धि नहीं की जा रही। मांग रखी गई कि न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹400 तय की जाए और वर्तमान 125 दिनों के कार्य को बढ़ाकर 150 दिन किया जाए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने कहा कि मनरेगा की राशि का भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाना चाहिए, राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। जिला प्रभारी सुबोध हरितवाल ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने और प्रावधानों में बदलाव कर “काम के अधिकार” को सीमित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मांग की कि योजना को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए, जिसमें 90 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य की रहती थी।
विधायकों ने साधा निशाना, “यह सिर्फ शुरुआत”
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं और गरीब-मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 100 दिन की महात्मा गांधी रोजगार योजना का स्वरूप बदला जा रहा है। पूर्व बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों की आजीविका का बड़ा सहारा है।
मीडिया से चर्चा में कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मनरेगा कमजोर हुआ तो ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन बढ़ेगा और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लहराईं, नारे लगाए और केंद्र सरकार से तत्काल निर्णय की मांग की।
ये रहे प्रमुख चेहरे
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, जिला प्रभारी सुबोध हरितवाल, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे, योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी त्र अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू, संतोष गर्ग, पार्षद दिलीप पाटिल सहित बड़ी संख्या में ब्लॉक अध्यक्ष और कांग्रेसजन मौजूद रहे।

