Latest news

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में बाल वैज्ञानिकों ने दिखाया हुनर, महिमा-कामिनी और नूपुर-प्राची ने मारी बाजी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

कन्या सरकंडा में हुई जिला स्तरीय प्रतियोगिता, जूनियर वर्ग से दो और सीनियर वर्ग से तीन शोध पत्रों का हुआ चयन; दिसंबर में रायपुर में पेश करेंगे शोध

बिलासपुर। स्थानीय समस्याओं का वैज्ञानिक नजरिए से समाधान खोजने और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएमश्री स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला सरकंडा में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें जिले के विद्यार्थियों ने सतत विकास के लिए विज्ञान और नवाचार विषय पर अपने लघु शोध और प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला रहा। निर्णायक मंडल ने दोनों वर्गों से उत्कृष्ट शोध पत्रों का चयन किया, जिन्हें अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक डॉ. अनिल तिवारी ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर पूजन-अर्चन और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान बाल अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। डॉ. तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे आसपास मौजूद समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बच्चों से शोध कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और नए प्रयोग करने का आह्वान किया।

जूनियर वर्ग में महिमा-कामिनी प्रथम

प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग से दो सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों का चयन किया गया। इसमें महिमा एवं कामिनी गंधर्व की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अंकिता रात्रे एवं सेजल सिंह दूसरे स्थान पर रहीं।

सीनियर वर्ग में नूपुर-प्राची ने बाजी मारी

सीनियर वर्ग में नूपुर सिंह सोलंकी एवं प्राची केशरवानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शुभम पाण्डेय एवं आर्या दुबे की जोड़ी दूसरे और रामवासु साहू एवं गीतेश साहू तीसरे स्थान पर रहे। चयनित प्रतिभागियों को दिसंबर में रायपुर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता में अपने शोध एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन, चयनित प्रतिभागियों को किया सम्मानित

प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए निर्णायक मंडल में डॉ. अनुपम तिवारी, श्रीमती स्मिता चोपड़े, श्रीमती अल्का गांगुली, मितेश नेमा एवं डॉ. मनोज श्रीवास शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों के शोध कार्यों का मूल्यांकन कर उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का चयन किया। इस अवसर पर संभागीय संचालक अश्वनी भारद्वाज एवं जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पाण्डेय ने चयनित बाल वैज्ञानिकों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।

विद्यालय की प्राचार्य डॉ. गायत्री तिवारी ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन जिला अकादमिक समन्वयक सुशील पटेल एवं सहायक जिला समन्वयक हेमंत नायक के मार्गदर्शन में किया गया।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।