अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने और वसूली पर संघ ने जताई नाराजगी, एलबी संवर्ग के शिक्षकों को पेंशन लाभ देने की मांग
1 जनवरी 2026 से मिलने वाला 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता नवंबर से देने के फैसले पर उठाए सवाल, वित्त मंत्री और सरकार को घेरने की तैयारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों और महंगाई भत्ते में देरी को लेकर कर्मचारी संगठनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान आक्रोश रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि राज्य सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं कर रही है। केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता देने में भी देरी की जा रही है। वहीं अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों की वेतनवृद्धि, लिपिक संवर्ग की विभागीय परीक्षाओं और एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा गणना जैसे मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं।
सोमवार को कर्मचारी भवन, विवेकानंद गार्डन के सामने आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, प्रदेश समन्वयक जीआर चन्द्रा, प्रदेश महामंत्री हिमांचल साहू, जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा और रामकुमार यादव ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
महंगाई भत्ते में देरी पर सरकार को घेरा
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार के समान देय तिथि से राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाना था, लेकिन छत्तीसगढ़ शासन ने इसकी घोषणा 1 नवंबर 2026 से की है। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों में निराशा के साथ तीव्र आक्रोश है। संघ ने सवाल उठाया कि जब मध्यप्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी कर चुकी है, तो छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को देय तिथि से इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है?
संघ का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में महंगाई भत्ते का लाभ कई महीने बाद देना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इस मुद्दे को लेकर वित्त मंत्री और राज्य सरकार के समक्ष भी कर्मचारियों की नाराजगी उठाई जाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों की वेतनवृद्धि का मामला
संघ ने वर्ष 2013 से 2023 के बीच अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों की समस्या भी उठाई। शासन की शर्त के अनुसार इन कर्मचारियों को तीन वर्ष के भीतर कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी, लेकिन इस अवधि में शासन ने कौशल परीक्षा का आयोजन ही नहीं किया।
इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। कौशल परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण उनकी वेतनवृद्धि का लाभ रोका जा रहा है। कुछ विभागों में पहले दी गई वेतनवृद्धि की राशि की वसूली भी की जा रही है।
संघ के अनुसार इस मामले में दायर याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने शासन की त्रुटि को देखते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत प्रदान की है। न्यायालय ने संबंधित अवधि की वेतनवृद्धि देने, की गई वसूली निरस्त करने और अन्य लाभ प्रदान करने का आदेश दिया है।
संघ की मांग है कि शासन सभी पात्र अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों को इसका लाभ देने के लिए स्थायी निर्देश जारी करे, ताकि कर्मचारियों को अपने अधिकार के लिए बार-बार हाईकोर्ट की शरण न लेनी पड़े।
लिपिकों के लिए विभागीय परीक्षा कराने की मांग
लिपिक संवर्ग की समस्याओं को उठाते हुए संघ ने अधीनस्थ लेखा सेवा संवर्ग और विभागीय परीक्षाओं का आयोजन कराने की मांग की है। इस संबंध में मुख्य सचिव और सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को ज्ञापन भी सौंपा गया है। संघ का कहना है कि विभागीय परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं होने से लिपिक कर्मचारियों के आगे बढ़ने और सेवा संबंधी लाभ प्राप्त करने के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
एलबी संवर्ग के शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से मिले पेंशन लाभ
संघ ने प्रदेश के एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा गणना नियुक्ति तिथि से किए जाने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देते हुए पेंशन संबंधी सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। इसके साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) ऑफलाइन माध्यम से आयोजित कराने की मांग भी की जा रही है।
विधानसभा सत्र में सड़क पर उतरेंगे कर्मचारी
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ते में देरी, अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों की वेतनवृद्धि, लिपिक संवर्ग की विभागीय परीक्षा और एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा गणना सहित सभी लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए आंदोलन किया जाएगा। इन मांगों को लेकर संघ और उससे संबद्ध संगठनों ने शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान आक्रोश रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि सरकार ने समय रहते मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो कर्मचारियों का विरोध और तेज होगा। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, प्रदेश समन्वयक जीआर चन्द्रा, प्रदेश महामंत्री हिमांचल साहू, जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा और रामकुमार यादव उपस्थित थे।
