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स्मार्ट सिटी के हर प्रोजेक्ट की बनेगी SOP, संचालन से कमाई तक तैयार होगा खाका

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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प्रोजेक्ट्स की दीर्घकालिक उपयोगिता तय होगी, बेहतर इस्तेमाल और राजस्व सृजन पर फोकस; जरूरत के मुताबिक PPP मॉडल पर भी होगा काम
बिलासपुर, 24 सितंबर। बिलासपुर स्मार्ट सिटी के तहत तैयार की गई परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था अब और पुख्ता की जाएगी। स्मार्ट सिटी के हर प्रोजेक्ट के लिए अलग SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जाएगी। इसमें परियोजना के संचालन, रखरखाव, जिम्मेदारियों और उसके दीर्घकालिक उपयोग का स्पष्ट खाका होगा। साथ ही नागरिकों के लिए इन परियोजनाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल सुनिश्चित करने और उनसे राजस्व सृजन की संभावनाएं तलाशने पर भी जोर दिया गया है। जरूरत के अनुसार परियोजनाओं को PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
बोर्ड की 20वीं बैठक में परियोजनाओं के भविष्य पर मंथन
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में गुरुवार को बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक हुई। बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिलासपुर में चल रहे विकास कार्यों और तैयार परियोजनाओं की प्रगति के साथ उनके भविष्य में संचालन, रखरखाव और उपयोगिता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि परियोजनाओं का निर्माण पूरा होने के बाद उनका बेहतर संचालन और रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए स्पष्ट SOP तैयार की जाए और निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप परियोजनाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं के बेहतर उपयोग, दीर्घकालिक स्थायित्व और राजस्व सृजन की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए।
किसकी क्या जिम्मेदारी, यह भी होगा स्पष्ट
बैठक में परियोजनाओं के संचालन से जुड़े मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से अधिक लोगों को जोड़ने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परियोजनाओं में किस अधिकारी या कर्मचारी की क्या जिम्मेदारी होगी, इसे भी स्पष्ट रूप से तय करने की बात कही गई।
नागरिक सुविधाओं और नगरीय अधोसंरचना पर भी चर्चा
बोर्ड बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत बिलासपुर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही नागरिक सुविधाओं के विस्तार और नगरीय अधोसंरचना को बेहतर बनाने से जुड़े विषय भी बोर्ड के सामने रखे गए। परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव और भविष्य की कार्ययोजना पर भी मंथन हुआ।
एजुकेशन हब के अकादमिक ब्लॉक का प्रस्ताव
बैठक में एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध BSCL निधि से प्रस्तावित इस कार्य को संस्थागत स्थायित्व और बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने पर विचार किया गया। इसके अलावा जल संबंधी कार्यों को लेकर भी अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों के बीच विचार-विमर्श हुआ।
मंत्रालय से वर्चुअली जुड़े अधिकारी
बैठक मंत्रालय से वर्चुअली आयोजित की गई। इसमें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल शामिल हुए।
वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, चिप्स (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सुजीत कुमार, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य और अधिकारी ऑनलाइन बैठक में जुड़े।
खास बात
हर स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए SOP तैयार होगी।
संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां स्पष्ट की जाएंगी।
परियोजनाओं की दीर्घकालिक उपयोगिता पर फोकस रहेगा।
नागरिकों द्वारा परियोजनाओं के बेहतर इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
राजस्व सृजन के विकल्पों पर काम होगा।
जरूरत के मुताबिक PPP मॉडल अपनाने की संभावनाएं देखी जाएंगी।
अधिकारियों-कर्मचारियों की क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण पर जोर रहेगा।
एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
जल संबंधी कार्यों और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर भी मंथन किया गया।

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