


बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के एसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा, 60 और 90 दिन में चालान-खात्मा दाखिल करने का लक्ष्य; CCTNS-IT पोर्टल का 100% उपयोग अनिवार्य
बिलासपुर। बिलासपुर रेंज में अपराधों पर नियंत्रण और पुलिस की विवेचना को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए मंगलवार को आईजी रामगोपाल गर्ग ने रेंज स्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में बिलासपुर समेत रेंज के सभी जिलों के एसपी शामिल हुए। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निराकरण, डिजिटल साक्ष्य, CCTNS और IT पोर्टल्स के उपयोग के साथ ही NDPS और गो-तस्करी के मामलों में कड़ी कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा हुई।
आईजी ने स्पष्ट किया कि विवेचना में तकनीकी या प्रक्रियात्मक गलती के कारण आरोपियों के दोषमुक्त होने और चालान पेश करने की वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारी की सीधे जवाबदेही तय होगी। लापरवाही मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
60-90 दिन की समय-सीमा पर साप्ताहिक निगरानी
बैठक में थानों में लंबित मामलों की संख्या कम कर पेंडेंसी को न्यूनतम स्तर पर लाने के निर्देश दिए गए। BNSS के तहत 60 और 90 दिवस की वैधानिक समय-सीमा में चालान अथवा खात्मा दाखिल करने का लक्ष्य तय किया गया है। सभी राजपत्रित अधिकारियों को इसकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई।
आईजी ने कहा कि लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के साथ विवेचना की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों का लाभ आरोपियों को न मिल सके।
अब कागजी MLR-PMR नहीं, डिजिटल रिपोर्ट पर जोर
पुलिस की जांच प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए IT टूल्स के शत-प्रतिशत इस्तेमाल पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर MedLEaPR के माध्यम से MLR और PMR रिपोर्ट ऑनलाइन तैयार कराने के निर्देश दिए गए। हस्तलिखित पर्चियों की जगह डिजिटल व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया।
इसी तरह विवेचकों के डिजिटल हस्ताक्षर को आधार आधारित e-Sign से जोड़ने और शिकायतकर्ताओं के ई-साइन के लिए थानों में डिजिटल पेन अथवा इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर की व्यवस्था करने को कहा गया।
ई-साक्ष्य से लेकर ई-मालखाना तक सब डिजिटल
आईजी ने e-Sakshya, e-Forensic और e-Malkhana के शत-प्रतिशत इस्तेमाल के निर्देश दिए। जब्ती की कार्रवाई में मिले डिजिटल साक्ष्यों को ई-साक्ष्य पोर्टल से जोड़ने, जब्त माल को ई-फॉरेंसिक के माध्यम से भेजने और थानों व जिला स्तर पर ई-मालखाना व्यवस्था को बारकोड आधारित एवं पारदर्शी बनाने को कहा गया।
CCTNS में Integrated Investigation Forms यानी IIF-1 से IIF-11 तक की प्रविष्टियों को अद्यतन रखने के साथ ग्राम अपराध नोटबुक VCNB को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
NDPS में कार्रवाई के दौरान ANTF की मौजूदगी पर जोर
मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए आईजी ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की जब्ती के दौरान प्रक्रियात्मक त्रुटियों से बचने के लिए ANTF प्रभारी अथवा प्रशिक्षित अधिकारी की मौके पर मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री तैयार करने के निर्देश दिए गए। आदतन तस्करों की संपत्ति पर कार्रवाई के लिए PIT-NDPS और SAFEMA के तहत ठोस प्रस्ताव तैयार कर भेजने को भी कहा गया।
गो-तस्करी में सिर्फ वाहन पकड़ना नहीं, पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश
गो-तस्करी के मामलों में आईजी ने कार्रवाई को केवल वाहन और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और वित्तीय विवेचना करने पर जोर दिया।
आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, उनकी संपत्ति अटैच करने तथा कलेक्टर कोर्ट से समन्वय कर जब्त वाहनों के त्वरित राजसात और सार्वजनिक नीलामी की कार्रवाई कराने को कहा गया।
अंतरराज्यीय सीमा से जुड़े मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन अफसरों ने लिया बैठक में हिस्सा
बैठक में बिलासपुर के उमनि. एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, रायगढ़ के उमनि. एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल, कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एसपी मनोज खिलारी, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, जांजगीर-चांपा एसपी विजय पाण्डेय, सारंगढ़ एसपी सुनील शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेखा चौबे, मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय, उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा तथा ANTF के विशेष नोडल प्रभारी अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
आईजी ने कहा- तकनीकी व्यवस्था में ढिलाई बर्दाश्त नहीं
आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी एसपी को निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने, तकनीकी पोर्टल्स का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने साफ किया कि CCTNS और IT पोर्टल्स के अनुपालन में लापरवाही, विवेचना में गंभीर त्रुटि अथवा समय-सीमा में चालान पेश नहीं करने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी।



