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सिरगिट्टी में 10 कबाड़ दुकान संचालकों पर कार्रवाई, बाकी थाना क्षेत्रों में कबाड़ शोरूम पर मेहरबानी क्यों?

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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एसएसपी के निर्देश पर सिरगिट्टी पुलिस की कार्रवाई से कबाड़ कारोबारियों में हड़कंप, 10 संचालकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में किया पेश; अब दूसरे थाना क्षेत्रों की पुलिस पर उठे सवाल
बिलासपुर। जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ सिरगिट्टी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र में संचालित कबाड़ दुकानों के 10 संचालकों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने संबंधित संचालकों को तलब कर थाने लाया और कार्रवाई के बाद सभी को माननीय न्यायालय में पेश किया। सिरगिट्टी पुलिस की इस कार्रवाई से जहां कबाड़ कारोबारियों में हड़कंप मचा है, वहीं अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिरगिट्टी पुलिस अपने थाना क्षेत्र में कबाड़ दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, तो बिलासपुर के बाकी थाना क्षेत्रों में संचालित कबाड़ शोरूम और दुकानों पर पुलिस की नजर कब जाएगी?
सिरगिट्टी पुलिस की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस ने एक-दो नहीं बल्कि 10 कबाड़ दुकान संचालकों के खिलाफ एक साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। ऐसे में अब जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में संचालित कबाड़ दुकानों की जांच और सत्यापन को लेकर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध कबाड़ दुकानों के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए थे।
निर्देश के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन तथा थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी के मार्गदर्शन में सिरगिट्टी पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस ने थाना क्षेत्र में अवैध रूप से कबाड़ दुकान संचालित करने वाले संचालकों को तलब कर थाना लाया। इसके बाद अवैध रूप से कबाड़ दुकान संचालन के संबंध में 10 कबाड़ दुकान संचालकों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई तथा उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
इन 10 कबाड़ दुकान संचालकों पर हुई कार्रवाई
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में कार्रवाई किए गए 10 कबाड़ दुकान संचालकों के नाम और पते इस प्रकार बताए गए हैं—
1. शेख तौसिफ
पिता: शेख नसीफ
उम्र: 29 वर्ष
पता: गणेश नगर चुचुहियापारा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
2. सैय्यद प्रिंस
पिता: सैय्यद इकराम
उम्र: 35 वर्ष
पता: गणेश नगर चुचुहियापारा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
3. अमित कश्यप
पिता: रमेश कश्यप
उम्र: 34 वर्ष
पता: गणेश नगर चुचुहियापारा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
4. साहिल खान
पिता: सलीम खान
उम्र: 25 वर्ष
पता: भारत चौक तालापारा, बिलासपुर, थाना सिविल लाइन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
5. अनुप डेविड
पिता: लोहाना डेविड
उम्र: 31 वर्ष
पता: विद्युत नगर तिफरा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
6. राजू चौहान
पिता: दुखन सिंह चौहान
उम्र: 42 वर्ष
पता: बन्नाकडीह, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
7. दीपेश कुमार साहू
पिता: संजय कुमार साहू
उम्र: 20 वर्ष
पता: यदुनंदन नगर तिफरा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
8. अफजल हुसैन
पिता: अनिल हुसैन
उम्र: 44 वर्ष
पता: बन्नाकडीह, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
9. मोहम्मद फिरोज
पिता: स्व. अब्दुल जबास
उम्र: 42 वर्ष
पता: मसानगंज, बिलासपुर, थाना सिटी कोतवाली, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
10. मोहम्मद इमरान खान
पिता: मोहम्मद अब्दुल्ला
उम्र: 41 वर्ष
पता: तालापारा, बिलासपुर, थाना सिविल लाइन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
पुलिस के अनुसार इन सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
सिरगिट्टी पुलिस की कार्रवाई से उठे बड़े सवाल
सिरगिट्टी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है। क्या अवैध कबाड़ दुकानें केवल सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में ही संचालित हो रही थीं?
अगर जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी कबाड़ की दुकानें और शोरूम संचालित हो रहे हैं तो वहां पुलिस कब कार्रवाई करेगी?
क्या दूसरे थाना क्षेत्रों में संचालित कबाड़ दुकानों का सत्यापन किया गया है?
क्या वहां संचालकों के दस्तावेज और दुकान संचालन की वैधता की जांच की गई है?
और अगर जांच की गई है तो क्या सभी कबाड़ दुकानें नियमों के मुताबिक संचालित पाई गई हैं?
एक थाना सख्त, बाकी जगह सवाल क्यों?
सिरगिट्टी पुलिस ने अपने क्षेत्र में कार्रवाई करके यह संदेश जरूर दिया है कि कबाड़ कारोबार के संचालन को लेकर पुलिस सख्ती बरत सकती है। लेकिन इसी कार्रवाई के बाद अब जिले के बाकी थाना क्षेत्रों की पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना भी स्वाभाविक है।
जब सिरगिट्टी में 10 कबाड़ दुकान संचालकों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई हो सकती है, तो बाकी थाना क्षेत्रों में कबाड़ दुकानों की जांच क्यों नहीं दिखाई देती?
अगर वहां सब कुछ वैध है तो पुलिस को सत्यापन की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। और यदि कहीं नियमों के विपरीत कारोबार संचालित हो रहा है तो वहां भी कार्रवाई होनी चाहिए।
कबाड़ कारोबार की नियमित जांच की जरूरत
कबाड़ कारोबार में पुराने लोहे, मशीनरी, वाहनों के पुर्जों और अन्य सामान की खरीद-बिक्री होती है। ऐसे कारोबार में सामान के स्रोत और कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
इसलिए केवल किसी एक थाना क्षेत्र में कार्रवाई करने के बजाय जिलेभर में कबाड़ दुकानों का सत्यापन अभियान चलाया जाना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-सी दुकान नियमों के अनुसार संचालित हो रही है और कहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
सिरगिट्टी पुलिस ने कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। अब जरूरत इस बात की है कि इसी तरह की कार्रवाई जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी दिखाई दे।
क्या बाकी थाना क्षेत्रों में भी चलेगा अभियान?
सिरगिट्टी में कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर बिलासपुर के अन्य थाना क्षेत्रों पर है।
सिटी कोतवाली, सिविल लाइन, तारबाहर, तोरवा, सरकंडा, चकरभाठा, सकरी सहित अन्य थाना क्षेत्रों में संचालित कबाड़ दुकानों की जांच कब होगी?
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सिरगिट्टी पुलिस की कार्रवाई में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके पते सिटी कोतवाली और सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़े हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित थाना क्षेत्रों में भी कबाड़ दुकानों और उनके संचालन की जांच की जाएगी?
सिरगिट्टी पुलिस की तारीफ, अब बाकी की बारी
सिरगिट्टी पुलिस की कार्रवाई की तारीफ इसलिए की जानी चाहिए कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद थाना स्तर पर कार्रवाई की गई और 10 कबाड़ दुकान संचालकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
लेकिन पुलिस की कार्रवाई का असर तभी व्यापक माना जाएगा, जब यह अभियान सिर्फ एक थाना क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे जिले में दिखाई दे।
किसी भी क्षेत्र में यदि अवैध रूप से कबाड़ दुकान संचालित हो रही है तो कार्रवाई होनी चाहिए। कार्रवाई में थाना क्षेत्र के आधार पर अंतर नहीं होना चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल
सिरगिट्टी पुलिस ने 10 कबाड़ दुकान संचालकों पर कार्रवाई कर अपनी सक्रियता दिखाई है। अब सवाल बाकी थाना क्षेत्रों की पुलिस से है—
क्या वे भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में कबाड़ दुकानों का सत्यापन कराएंगे?
क्या अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कार्रवाई होगी?
क्या सभी कबाड़ कारोबारियों के दस्तावेज जांचे जाएंगे?
क्या कबाड़ के कारोबार में खरीदे-बेचे जाने वाले सामान के स्रोत की जांच की जाएगी?

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