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सिम्स में C-Arm तकनीक से चिकित्सा सेवाओं को मिली नई पहचान

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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तीन महीनों में 90 सफल ऑपरेशन, रायपुर रेफरल में आई उल्लेखनीय कमी
आधुनिक उपकरण, संवेदनशील नेतृत्व और विशेषज्ञ टीम के समन्वय से मरीजों को मिल रहा बेहतर व सुलभ उपचार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और उत्कृष्ट उपचार सेवाओं के माध्यम से प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना रहा है। विशेष रूप से C-Arm मशीन के उपयोग ने आर्थोपेडिक सर्जरी के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। अब जटिल से जटिल हड्डी संबंधी ऑपरेशन भी सिम्स में ही सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को न केवल समय पर उपचार मिल रहा है बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी बड़ी राहत मिल रही है।
पिछले तीन महीनों के आंकड़े सिम्स की इस उपलब्धि को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। फरवरी माह में 40, मार्च में 30 और अप्रैल माह में अब तक 20 सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इस प्रकार कुल 90 मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उन्हें नई जिंदगी देने का कार्य सिम्स के चिकित्सकों द्वारा किया गया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
C-Arm तकनीक: सटीकता और सुरक्षा का नया आधार
C-Arm मशीन एक अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक है, जो ऑपरेशन के दौरान हड्डियों और जोड़ों की सटीक स्थिति को रियल-टाइम में प्रदर्शित करती है। इससे सर्जनों को ऑपरेशन के हर चरण में स्पष्ट दृश्य मिलता है, जिससे सर्जरी अधिक सुरक्षित, सटीक और कम समय में पूरी की जा सकती है। यही कारण है कि पहले जहां जटिल मामलों में मरीजों को रायपुर जैसे बड़े हायर सेंटर रेफर करना अनिवार्य होता था, वहीं अब सिम्स में ही इनका सफल उपचार संभव हो पा रहा है।
रेफरल में कमी, मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही राहत
पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आते थे, जिनमें मरीजों को लंबी दूरी तय कर हायर सेंटर जाना पड़ता था। इससे समय की देरी के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। लेकिन अब सिम्स में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के कारण रेफरल की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आई है। मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह बदलाव किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
भविष्य की तैयारी: जल्द आएंगी 2 नई C-Arm मशीनें
संस्थान प्रबंधन ने जानकारी दी है कि सिम्स में शीघ्र ही 2 और C-Arm मशीनें स्थापित की जाएंगी। इससे ऑपरेशन की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ मरीजों को और भी तेजी से उपचार मिल सकेगा। यह कदम सिम्स को प्रदेश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में और मजबूत करेगा।
मरीज हित में संवेदनशीलता — स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सिम्स की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन को उनके क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सिम्स द्वारा किए जा रहे प्रयास इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जहां मरीजों के हित को सर्वोपरि रखते हुए आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
दूरदर्शी नेतृत्व और विकास की स्पष्ट दिशा — अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति अपने दूरदर्शी नेतृत्व, सकारात्मक सोच और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में सिम्स लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अपनाते हुए नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि मरीजों को बड़े महानगरों जैसी सुविधाएं यहीं सिम्स में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी को भी इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।”
उनकी पहल पर संस्थान में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सकों के कौशल विकास और सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सुदृढ़ प्रबंधन और अनुशासित व्यवस्था — चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह अपनी प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और मरीजों के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं। उनके कुशल प्रबंधन के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनी हैं। उन्होंने बताया कि “हमारा प्रयास है कि हर मरीज को समय पर, सहज और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।”
उनकी कार्यशैली ने अस्पताल में सेवा की गुणवत्ता को नई मजबूती प्रदान की है।
विशेषज्ञता और समर्पण का परिणाम — ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. ए. आर. बेन
ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. ए. आर. बेन के नेतृत्व में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनकी विशेषज्ञता और टीम की मेहनत के चलते C-Arm तकनीक का सफल उपयोग संभव हो पाया है। जटिल सर्जरी को भी सटीकता और सफलता के साथ संपन्न करना विभाग की विशेष उपलब्धि बन चुकी है।
सिम्स बन रहा भरोसे का केंद्र
आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सक, कुशल प्रबंधन और संवेदनशील नेतृत्व—इन सभी के समन्वय से सिम्स अब न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र बनता जा रहा है। यहां मिल रही सुविधाएं और लगातार बढ़ती सफलताएं इस बात का प्रमाण हैं कि सिम्स आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सिम्स की यह प्रगति आमजन के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि अब गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उपचार उनके अपने शहर में ही उपलब्ध है—वह भी बेहतर सुविधा, कम समय और अधिक भरोसे के साथ।

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