मुंगेली नाका स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस, महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने पर जोर
0- हर्षिता पांडे, पूजा विधानी और शीलू साहू ने गिनाए आंकड़े और योजनाएं, महिला भागीदारी बढ़ाने की बात
0- महिला मोर्चा ने अधिनियम को ‘नए युग की शुरुआत’ बताया, 50% आरक्षण के सवाल से दूरी
बिलासपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय के निर्देश पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को लेकर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा न्यू सर्किट हाउस, मुंगेली नाका में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश भाजपा मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडे, बिलासपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री श्रीमती शीलू साहू मौजूद रहीं। कार्यक्रम का आयोजन शहर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती स्नेहलता शर्मा के नेतृत्व में किया गया।
‘सशक्त महिलाएं, सशक्त समाज’ का दिया संदेश
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम है। यह कानून लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करता है, जो महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी का अवसर देगा।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतिनिधित्व बढ़ाने का कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को “नीति की लाभार्थी” से “नीति निर्माता” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
आंकड़ों के जरिए महिला सशक्तिकरण का दावा
वक्ताओं ने वैश्विक और राष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा—
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है
लैंगिक अंतर कम होने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में 7 ट्रिलियन डॉलर तक की वृद्धि संभव
भारत में 72% घर महिलाओं के नाम (PMAY-G)
43% STEM ग्रेजुएट महिलाएं
मुद्रा योजना के 69% ऋण महिलाओं को
स्टैंड-अप इंडिया के 84% लाभार्थी महिलाएं
इसके अलावा बताया गया कि पिछले दशक में—
32 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुले
10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन और जल जीवन मिशन से घर-घर पानी पहुंचा
नीति निर्माण में बदलाव का दावा
वक्ताओं ने कहा कि जब महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शासन की प्राथमिकताओं में भी बदलाव आता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक महत्व मिलता है
पंचायतों में 46% महिला प्रतिनिधित्व इसका उदाहरण है
लगभग 14.5 लाख महिलाएं पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित हैं
उन्होंने कहा कि अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं में भी दिखाई देगा।
महिला नेतृत्व को ‘विकसित भारत’ की आधारशिला बताया
प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया गया—
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
सुकन्या समृद्धि योजना (4.6 करोड़ खाते)
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (4.27 करोड़ लाभार्थी)
पोषण 2.0 के तहत 8.97 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं
वक्ताओं ने कहा कि यह सभी योजनाएं महिलाओं के जीवन-चक्र को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।
राजनीतिक भागीदारी बनाम प्रतिनिधित्व पर जोर
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि देश में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है—
2024 तक कुल मतदाताओं में लगभग 48.62% महिलाएं
कई चुनावों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक
हालांकि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या अभी भी कम बताई गई, जिसे इस अधिनियम से संतुलित करने की बात कही गई।
50% आरक्षण पर नहीं दिया गया स्पष्ट जवाब
प्रेस वार्ता के दौरान महिला आरक्षण को 50% तक बढ़ाने के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा की नेतृियों ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। चर्चा का फोकस 33% आरक्षण वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम और उससे जुड़े प्रभावों पर ही केंद्रित रहा।
‘नए युग की शुरुआत’ बताया गया अधिनियम
वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम भारत के लोकतंत्र को अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा।
उन्होंने इसे महिला नेतृत्व वाले भारत के “अगले अध्याय” की शुरुआत बताते हुए कहा कि अब भागीदारी के बाद प्रतिनिधित्व बढ़ाने का समय है।

