बिलासपुर। साहित्य, खेल और सामाजिक चेतना के अद्भुत समन्वय के प्रतीक हिदायत अली की 86वीं जयंती एवं स्टैण्ड बॉल के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर शहर में एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्यिक विमर्श, काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन और खिलाड़ियों के सम्मान जैसे विविध आयाम देखने को मिले, जहां वक्ताओं ने हिदायत अली के व्यक्तित्व और कृतित्व को अलग-अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि का वक्तव्य
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति ए. डी. एन. बाजपेयी ने कहा कि हिदायत अली बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से समाज को नई दिशा दी और स्टैण्ड बॉल जैसे खेल को पहचान दिलाकर खेल जगत में विशिष्ट स्थान बनाया। बाजपेयी ने यह भी कहा कि जिस समाज में साहित्य का स्थान नहीं होता, वह समाज मृतप्राय हो जाता है। इस दौरान उन्होंने “मैं तुम्हारे साथ भी हूं, मैं तुम्हारे पास भी हूं” शीर्षक से एकल काव्य पाठ भी प्रस्तुत किया।
विशिष्ट अतिथियों के विचार
डॉ. अजय पाठक ने हिदायत अली को खुले विचारों का कवि बताते हुए कहा कि वे वेदों के ज्ञाता होने के साथ-साथ सूफी रचनाकार भी रहे।
डॉ. तार्निस गौतम ने उन्हें अपना गुरु बताते हुए कहा कि उन्होंने हर आयु वर्ग के लोगों के साथ जीवन जीने की कला सिखाई।
करण सिंह ने कहा कि खेल जीवन में बुरी आदतों को दूर रखने का माध्यम है और हिदायत अली ने लोगों को खेलों से जोड़े रखने का कार्य किया।
अस्तित्व प्रकाशन के विक्रम सिंह ठाकुर ने हिदायत अली की कृति “कमलाकर के कलमदान से” के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
कार्यक्रम की शुरुआत स्टैण्ड बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव जाविद अली के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि स्टैण्ड बॉल खेल आने वाले समय में शिखर तक पहुंचेगा।
इस अवसर पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिसमें भिलाई के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी आदित्य रजक, बिलासपुर के राष्ट्रीय रेफरी गिरीश कश्यप और राष्ट्रीय रेफरी डॉ. मनीष मुखर्जी शामिल रहे।
डॉ. शाजिया अली खान ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के दौरान हिदायत अली की कृति “कमलाकर के कलमदान से” का विधिवत विमोचन किया गया।
समारोह में सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
संचालन एवं उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र मौर्य ने किया। इस दौरान अलीम खान, सुरेंद्र वर्मा, जॉनी भाई, डॉ. शंकर यादव, माता नाजमा अली, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. मिलिंद भान देव, डॉ. सतीश जायसवाल, दुआ जी, मोनू शर्मा, श्री कुमार, नसरीन अली, नफीसा अली सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

