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शादी के नाम पर बिछाया जाल…  फर्जी मैरिज ब्यूरो का नेशनल नेटवर्क बेनकाब, कॉल सेंटर बनाकर चल रह थी ठगी की फैक्ट्री

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर पुलिस का बड़ा एक्शन — 70 मोबाइल, 10 कंप्यूटर और लाखों के ट्रांजेक्शन का खुलासा
भावनाओं से खेलकर ठगी: युवतियों से फर्जी प्रोफाइल बनवाकर कराया जाता था “रिश्ता”
पूरा मामला: जब “शादी” बना ठगी का कारोबार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया है, जो “मैरिज ब्यूरो” की आड़ में देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों, नकली मोबाइल नंबरों और कॉल सेंटर जैसे सेटअप के जरिए शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर “परफेक्ट मैच” का झांसा देता था और फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन या मुलाकात के नाम पर रकम वसूल करता था।
कैसे खुला राज: बैंक खातों से मिली पहली कड़ी
पूरे मामले की शुरुआत म्यूल (Mule) बैंक खातों की जांच से हुई। पुलिस को पता चला कि कुछ खातों में संदिग्ध लेनदेन हो रहे हैं, जिनका उपयोग असली खाताधारक नहीं बल्कि अन्य लोग कर रहे थे।
इसी दौरान एक शिकायत सामने आई — बिहार के एक व्यक्ति से शादी के लिए उपयुक्त वधु दिलाने के नाम पर 10,000 रुपये जमा कराए गए, लेकिन भुगतान के बाद कोई सेवा नहीं दी गई। इसके बाद पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिससे जांच का दायरा बढ़ा।
कॉल सेंटर मॉडल: सरकंडा और कोतवाली में चल रही थी पूरी स्क्रिप्ट
पुलिस ने जब बिलासपुर के सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्र में छापेमारी की, तो वहां कॉल सेंटर की तरह संचालित ऑफिस मिले। यहां बाकायदा सिस्टम, मोबाइल और स्क्रिप्ट के साथ लोगों को कॉल कर फंसाया जाता था।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि:
युवतियों को फर्जी प्रोफाइल बनाकर ग्राहकों से बात करने के लिए लगाया गया था
बातचीत के दौरान भावनात्मक जुड़ाव बनाया जाता था
शादी का भरोसा दिलाकर पैसे जमा कराए जाते थे
बरामदगी: ठगी के “टूल्स” का बड़ा नेटवर्क
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने मौके से:
10 कंप्यूटर सेटअप
70 मोबाइल फोन
20,000 रुपये नगद
बरामद किए हैं। साथ ही बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का भी खुलासा हुआ है।
गिरफ्तारी: गिरोह के चार सदस्य हिरासत में
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लिया है:
महारथी साहु (31) — निवासी जांजगीर-चांपा, वर्तमान में बिलासपुर
फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40) — चांटिडीह, बिलासपुर
तरुणा उर्फ सोनू खरे (40) — चांटिडीह, बिलासपुर
नीरा बाथम (32) — अशोक नगर, बिलासपुर
कानूनी कार्रवाई: BNS की धाराओं में केस दर्ज
आरोपियों के खिलाफ सरकंडा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जांच जारी: शहर के अन्य हिस्सों में भी शक
पुलिस को संकेत मिले हैं कि इस तरह के “मैरिज ब्यूरो” शहर के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय हो सकते हैं। फिलहाल 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य संदिग्धों की जांच जारी है।

Ssp रजनेश सिंह
बड़ा सवाल: क्या यह नेटवर्क सिर्फ बिलासपुर तक सीमित?
जांच के शुरुआती संकेत यह भी बताते हैं कि यह नेटवर्क राज्य या शहर तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों तक फैला हो सकता है। फर्जी प्रोफाइल, डिजिटल पेमेंट और कॉल सेंटर मॉडल इसे एक संगठित साइबर-ठगी के रूप में स्थापित करता है।

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