
बिलासपुर। जिले में देर रात से लेकर सुबह तक अपराधियों का तांडव देखने को मिला। मामूली विवाद से शुरू हुई झड़पें खून-खराबे में बदल गईं। कहीं शादी से लौट रहे युवक पर चाकुओं से हमला हुआ, तो कहीं चलती कार पर पत्थरों की बरसात कर युवती को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। वहीं तीसरी घटना में राहगीर को बेरहमी से पीटकर नगदी लूट ली गई। तीन अलग-अलग वारदातों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केस-1: सड़क विवाद बना खून का खेल, युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला
कोटा-रतनपुर मार्ग पर देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब शादी समारोह से लौट रहे एक युवक पर कुछ युवकों ने अचानक हमला कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, युवक अपनी गाड़ी से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गाड़ी धीमी चलाने को लेकर कुछ युवकों से विवाद हो गया।
पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। आरोपियों ने युवक को घेर लिया और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। वार इतने तेज और लगातार थे कि युवक संभल भी नहीं पाया।
हमले में युवक के पीठ और गले पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह घायल को बचाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही रतनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का जायजा लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
केस-2: चलती कार बनी निशाना, पत्थरबाजी में युवती का सिर फूटा
इसी क्षेत्र में दूसरी वारदात ने दहशत को और गहरा कर दिया।
सोमवार रात रितिका सिंह अपने परिवार के साथ मध्यप्रदेश के पुष्पराजगढ़ जा रही थी। कार जैसे ही बादल महल के पास पहुंची, अचानक अंधेरे से निकले बदमाशों ने हमला बोल दिया।
चलती कार पर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी शुरू हो गई। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कार सवार लोग घबरा गए और चालक का नियंत्रण तक डगमगा गया।
इसी दौरान एक बड़ा पत्थर कार के शीशे को चीरते हुए अंदर घुसा और सीधे रितिका के सिर और चेहरे पर जा लगा। वह लहूलुहान होकर सीट पर गिर पड़ी।
घबराए चालक ने किसी तरह कार संभाली और रतनपुर बस्ती की ओर भागा। गंभीर हालत में युवती को पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
केस-3: राहगीर को घेरकर बेल्ट से पीटा, 1400 रुपये लूटे—चंद घंटों में आरोपी गिरफ्तार
तीसरी घटना मस्तुरी थाना क्षेत्र की चौकी मल्हार की है, जहां अपराधियों ने हैवानियत की हद पार कर दी।
प्रार्थी रामप्यारे राय (62 वर्ष), निवासी चौहा, रात करीब 11:50 बजे शादी कार्यक्रम से लौट रहे थे। चकरबेढा और डगनिया के बीच रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों—
रोशन भंडारी, सुमित टंडन उर्फ बिट्टू, सुमित दिनकर उर्फ सोमू और मंजेश खूंटे ने उन्हें रोक लिया।
चारों ने मिलकर पैसे की मांग की और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने बेल्ट और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने उनकी जेब से 1400 रुपये नगद लूट लिए और उन्हें घायल हालत में सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।
पीड़ित पूरी रात घायल अवस्था में पड़ा रहा। सुबह गांव के लोगों ने उसे उठाकर घर पहुंचाया, जिसके बाद परिजन उसे लेकर चौकी पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीम गठित की। मुखबिर की सूचना पर ग्राम चकरबेढा से चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी सुमित दिनकर से 1400 रुपये नगद और मंजेश खूंटे से घटना में प्रयुक्त बेल्ट बरामद किया है।
चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की तत्परता: ips अंशिका जैन की अगुवाई में त्वरित कार्रवाई, आरोपियों पर कसा शिकंजा

बिलासपुर ग्रामीण क्षेत्र में सामने आई इस गंभीर लूटपाट की घटना के बाद पुलिस ने जिस तेजी और मुस्तैदी से कार्रवाई की, वह एक मजबूत पुलिसिंग का उदाहरण बनकर सामने आई है।
प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन के नेतृत्व में जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी गई। इसी रणनीति का परिणाम रहा कि महज कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपी—रोशन भंडारी, सुमित टंडन, सुमित दिनकर और मंजेश खूंटे—को पकड़ लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई 1400 रुपये नगद राशि और घटना में प्रयुक्त बेल्ट भी बरामद कर ली।
इस पूरी कार्रवाई में एएसपी मधुलिका सिंह की सक्रिय निगरानी और सख्त निर्देशों ने अहम भूमिका निभाई, जिसके चलते न केवल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया, बल्कि पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाया गया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी नूपुर उपाध्याय की भूमिका भी हम रही।

