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“7 किलो सोना, 3 करोड़ कैश और 14 करोड़ की जब्ती, दण्डकारण्य में माओवादी नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार, 25 कैडरों का सरेंडर”

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर ,रायपुर ,बस्तर।
दण्डकारण्य में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई ने माओवादी तंत्र की आर्थिक और संरचनात्मक रीढ़ पर सीधा वार किया है। 7 किलो सोना, ₹3 करोड़ नगद कैश समेत कुल ₹14.06 करोड़ की बरामदगी और 93 घातक हथियारों की जब्ती के बीच 12 महिला सहित 25 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण—यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ में नक्सली नेटवर्क की कमजोर पड़ती पकड़ और बदलते हालात की सबसे तीखी तस्वीर बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे “विश्वास की निर्णायक वापसी” बताया है।
रायपुर/दण्डकारण्य, 31 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दण्डकारण्य क्षेत्र में मंगलवार को जो सामने आया, उसने माओवादी नेटवर्क की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 7 किलो सोना और ₹3 करोड़ नगद कैश सहित कुल ₹14.06 करोड़ की भारी बरामदगी ने यह साफ कर दिया कि जंगलों में सक्रिय यह नेटवर्क केवल हथियारों तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक तंत्र पर भी आधारित था।
इस बड़ी कार्रवाई के बीच 25 माओवादी कैडरों—जिनमें 12 महिलाएं शामिल हैं—ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। यह आत्मसमर्पण ऐसे समय में हुआ है जब सुरक्षा एजेंसियां लगातार दबाव बनाते हुए माओवादी संरचना को भीतर तक तोड़ने में जुटी हैं।
बरामद 93 घातक हथियारों के साथ इतनी बड़ी नकदी और सोने की खेप का मिलना इस बात का संकेत है कि माओवादी संगठन वित्तीय संसाधनों के जरिए अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। विशेषज्ञ इसे माओवादी इकोनॉमिक चैनल पर सीधा प्रहार मान रहे हैं, जो लंबे समय से छिपे हुए संसाधनों के जरिए संचालित होता रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटनाक्रम को दण्डकारण्य के लिए ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से भय और हिंसा में जकड़ा यह इलाका अब विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर लौट रहा है।
सरकारी रणनीति के तहत जहां एक ओर लगातार ऑपरेशन चलाकर माओवादी ढांचे को कमजोर किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे अभियानों के जरिए कैडरों को मुख्यधारा में लौटने का विकल्प दिया जा रहा है।
दण्डकारण्य में एक ही दिन में सामने आए ये आंकड़े—7 किलो सोना, ₹3 करोड़ कैश, ₹14 करोड़ की कुल बरामदगी और 25 कैडरों का आत्मसमर्पण—इस पूरे क्षेत्र में बदलते शक्ति संतुलन और दबाव की उस तस्वीर को सामने लाते हैं, जहां माओवादी नेटवर्क अब कई स्तरों पर घिरता दिखाई दे रहा है।

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